गोरखपुर, (जेएनएन)।  खुले आकाश तले सतरंगी रोशनी की चकाचौंध थी। ऊपर से चंद्रमा की शीतलता बरस रही थी। नीचे सुर व साज की जुगलबंदी का जादू युवा दिलों की धड़कनों को बेकाबू कर रहा था। मस्ती का आलम था। बालीवुड सिंगर हर्षी मैड व एंकर काव्या की आवाज का जादू युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा था। देर रात तक कपल्स डांडिया के साथ धमाल मचाते रहे।
अवसर था दैनिक जागरण के तत्वावधान में आयोजित डांडिया रास-2018 का। कार्यक्रम एमपी इंटर कालेज के मैदान में रविवार को आयोजित था। मंच पर आए दोनों कलाकारों ने डांडिया की परंपरा को आधुनिकता के लिबास में सहेज कर कुछ इस तरह परोसा कि युवा जोड़ों से खचाखच भरा मैदान परंपरा व आधुनिकता के मिश्रित सुगंध से सुवासित हो उठा। सभी आयु वर्ग के लोगों ने भरपूर मजा लिया। गीत के एक-एक बोल पर थिरकते लोगों के लिए मानों वक्त ठहर सा गया था। प्रकाश की चकाचौंध में डांडिया रास की मस्ती व धमाल से रात जवां हो गई थी।

भारतीय नृत्य परंपरा में डांडिया ने गुजरात में विस्तार पाया और अब वहां की संस्कृति का एक अहम हिस्सा है। इस नृत्य को लेकर गोरखपुर आईं हर्षी मैड व काव्या ने अपनी मस्ती और धमाल से लोगों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। मंच पर रंग-बिरंगे परिधानों में सुसज्जित होकर जब दोनों कलाकार उतरे तो वातावरण उत्साह की आवाज व तालियों से गडग़ड़ा उठा। उन्होंने हाथ हिलाकर सबका अभिवादन किया और कुशलक्षेम भी पूछी।
हर्षी मैड ने गुजराती गरबा 'मेंदरी ते वावी' से कार्यक्रम की शुरुआत की। मंच के ठीक सामने युवक- युवतियों ने हर गीत पर डांडिया प्रस्तुत कर कार्यक्रम को और मनोहारी बनाया। प्रकाश की अद्भुत व्यवस्था ने मंच से लेकर परिसर तक को सतरंगी बना दिया था। पूरा वातावरण उत्सव व उल्लास से भरपूर था। युवाओं का उत्साह देखने लायक था। हर चेहरे पर भक्ति व उत्साह की तरंगें चस्पा थीं। पैरों में थिरकन थी और चेहरों पर मुस्कान। जोड़े एक-दूसरे के साथ डांडिया लड़ा रहे थे। गीत के भावों के अनुसार चेहरे पर भाव आ-जा रहे थे। वहां भक्ति की मस्ती के बीच जोड़ों ने डांडिया प्रस्तुत कर हर्षी व उनके साथियों का पूरा साथ दिया। लगभग सभी नृत्य कर रहे थे। स्त्री-पुरुष व बच्चों ने एक साथ डांडिया का भरपूर लुत्फ लिया। इसके पूर्व महमूद अली ने अपने साथियों संग अनेक गीतों की प्रस्तुति कर लोगों को थिरकने के लिए विवश कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत महापौर सीताराम जायसवाल, मंडलायुक्त अमित गुप्ता, एसएसपी शलभ माथुर, पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ संजय यादव, जेल अधीक्षक डॉ. रामधनी आदि ने दीप जलाकर की। इसके बाद अतिथियों ने मां सरस्वती, दैनिक जागरण के संस्थापक स्व. पूर्णचंद्र गुप्त व पूर्व प्रधान संपादक स्व. नरेंद्र मोहन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। अतिथियों का स्वागत वरिष्ठ समाचार संपादक उमेश चंद्र शुक्ल व धन्यवाद ज्ञापन सहायक महाप्रबंधक प्रवीण कुमार ने किया। 

इन गीतों पर मचा धमाल

- मेंदरी ते वावी

- मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम

- ढोली डा

- छोगाड़ा तारा

- नगाड़ा संग ढोल बाजे

- रंगीलो म्हारो ढोलना

- तारे गिन गिन

- बोलो ता रा रा

- मस्ती भरी रात है

- तमय किया गामना

और खुशनुमा हो गया मौसम का मिजाज

जब हर्षी मैड ने तराना छेड़ा तो माहौल व मौसम और खुशनुमा हो गया। माहौल में उत्सव व उल्लास की सुगंध व्याप्त थी तो मौसम का मिजाज डांडिया रास में सहयोगी बना। युवाओं का उत्साह देखकर मौसम भी नरम हो गया था। युवा जोड़ों ने साथ-साथ डांडिया किया। मंच के सामने थिरकते लोगों के एक साथ सैकड़ों हाथ ऊपर उठते, डांडिया की टंकार होती और मंच से हर्षी के गीत गूंजते। चारों ओर मस्ती का आलम था। बच्चों ने भी डांडिया का भरपूर आनंद लिया। बालीवुड कलाकारों की स्वरलहरियां गूंजी तो महफिल में गीत, संगीत व नृत्य की त्रिवेणी बहने लगी। पहले से ही खुशनुमा माहौल और रंगत लेता चला गया। रात जवां हो गई। ऐसा लगा कि डांडिया पर केवल लोग ही नहीं झूमे बल्कि रात भी थिरक रही है। युवा जोड़ों ने देर रात तक डांडिया का धमाल मचाया। मंच से लेकर पूरे परिसर में प्रकाश की बेहतर व्यवस्था थी। विद्युत झालरों के छोटे-छोटे सतरंगी बल्ब माहौल में एक नए लोक का सृजन कर रहे थे।

ये रहे स्पांसर

वीएस बंधन इन्फ्रा सिटी डेवलेपर प्राइवेट लिमिटेड कार्यक्रम में दैनिक जागरण के सहयोगी रहे। टाइटल स्पांसर शुद्ध प्लस, नाइन सेनेटरी नेपकिन और गिफ्ट स्पांसर ऋषभ चंद सुधीर कुमार जैन सर्राफ थे। सह-स्पांसर की भूमिका जेमिनी पैराडाइज, जेमिनी गोर्डेनिया और त्रिमूर्ति-सान्वी ज्वेलर्स रहे। कार्यक्रम की प्रस्तुति रैक्स क्रिएशन की थी।

लोगों ने लिया लजीज व्यंजनों का स्वाद

जहां लोगों ने डांडिया नृत्य कर अपनी खुशी का इजहार किया, वहीं किनारे लगे खान-पान के स्टाल पर लजीज व्यंजनों का स्वाद भी लिया। अनेक स्टालों पर विविध प्रकार के उत्तर भारतीय, दक्षिण भारतीय व विदेशी व्यंजन उपलब्ध थे।

खींच लाया डांडिया का आकर्षण

डांडिया रास का आकर्षण यह था कि कुछ लोग ह्वील चेयर पर चलकर आए। ह्वील चेयर पर ही बैठे-बैठे न सिर्फ डांडिया नृत्य का आनंद लिया बल्कि खुद हाथों में स्टिक पकड़कर डांडिया किया। हर गीत पर लोगों के साथ झूमते दिखे। उनके परिवार के लोग उनके पास खड़े होकर झूम रहे थे। माहौल में मस्ती व्याप्त थी।

और मस्ती में झूम उठी महिला

मंच के पास तो डांडिया की धूम थी ही, जब सुर व संगीत की जुगलबंदी शुरू हुई तो प्रवेश द्वार के पास खड़ी एक महिला कुछ बच्चों के साथ नृत्य करने लगी। धीरे-धीरे उसका नृत्य लोगों के आकर्षण का केंद्र हो गया, बरबस ही उसने लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया।

Posted By: Pradeep Srivastava

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