गोरखपुर, जेएनएन। तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध की चुनौतियों से निपटने के लिए गोरखपुर सहित प्रदेश के सभी 16 परिक्षेत्र मुख्यालयों पर साइबर थाना स्थापित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। परिक्षेत्र से जुड़े जिलों में होने वाले साइबर अपराध के मुकदमे इन थानों में दर्ज होंगे। इन थानों की स्थापना में 111 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।

लखनऊ और गौतमबुद्ध नगर में ही थे साइबर थाने

परिक्षेत्र मुख्यालयों पर साइबर थानों की स्थापना का प्रस्ताव 26 जून 2019 को पुलिस महानिदेशक ने भेजा था। इसमें उन्होने तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध का उल्लेख और वर्ष 2014 से 2019 के बीच प्रदेश में साइबर अपराधों में हुई वृद्धि का आंकड़ा भी प्रस्तुत किया था। इससे पहले लखनऊ और गौतमबुद्धनगर में ही साइबर थाने थे। इन दोनों जिलों में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद यहां स्थापित साइबर थानों के अधिकार क्षेत्र का नए सिरे से निर्धारण किया जाना अभी बाकी है। ऐसी स्थिति में नए साइबर थानों की जरूरत महसूस की जा रही थी।

इन शहरों में स्थापित होंगे साइबर थाने

गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, कानपुर, झांसी, प्रयागराज, चित्रकूट,  वाराणसी, आजमगढ़, मिर्जापुर और अयोध्या में साइबर थाने स्थापित किए जाएंगे।

यह होगी जिम्मेदारी

साइबर अपराधियों की धर-पकड़ करना, आतंकी घटनाओं की तफ्तीश और आरोपितों की गिरफ्तारी, क्रेडिट व डेबिट कार्ड से हेराफेरी और फ्राड, इंटरनेट बैंकिंग से फ्राड, आनलाइन शापिंग में फ्राड, कंप्यूटरीकृत बैंक खातों में की जारी वाली हेराफेरी और सरकारी साइटों को हैक करने के मामलों की जांच साइबर थानों के माध्‍यम से होगी।

गोरखपुर में पांच साल में पांच गुना बढ़ा साइबर अपराध

वर्ष             दर्ज हुए केस

2019                288

2018                215

2017                188

2016                104

2015                045

Posted By: Satish Shukla

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