Cyber Crime: गोरखपुर के व्यापारी को क्रिप्टो ट्रेडिंग के जाल में फंसाकर लगाया चूना, 93.61 लाख ठगे
गोरखपुर में एक व्यवसायी साइबर ठगी का शिकार हुआ, जिसमें क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर 93.61 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई। जालसाजों ने अलग-अलग खातों में पैसे जमा करवाए और मुनाफा देने का वादा किया, लेकिन बाद में निवेश डूबने की बात कही। फेसबुक के माध्यम से दोस्ती कर क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर निवेश के लिए प्रेरित किया गया, जिससे पीड़ित को भारी नुकसान हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

17 दिन में अलग-अलग खातों में मंगवाई गई रकम,पुलिस जांच में जुटी। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। क्रिप्टो ट्रेडिंग में भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने शहर एक व्यवसायी से 93.61 लाख रुपये हड़प लिए। 28 अक्टूबर से 14 नवंबर 2025 के बीच अलग-अलग खातों में व्यापारी से रुपये मंगवाए गए। मुनाफा देने के बजाय ठगों ने बताया कि आपके रुपये ट्रेडिंग में डूब गए है।शिकायत के बाद साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात जालसाजों पर आइटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
मिर्जापुर (राजघाट) में रहने वाले व्यापारी विजय आनंद लोहिया ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी कि उन्हें क्रिप्टो प्लेटफार्म पर मुनाफे की स्कीम में फंसा कर लाखों रुपये की ठगी की गई।जालसाजों ने पहले उनके पास एक लिंक भेजा गया और यूएसडीटी स्टेकिंग व ट्रेडिंग के नाम पर निवेश करने को प्रेरित किया गया।उन्हें भरोसा दिलाया गया कि 30 दिन में निवेश की गई राशि पर मोटा मुनाफा मिलेगा। इसके बाद उनसे लगातार अलग-अलग खातों में पैसे भेजवाए गए। पीड़ित ने पहले चरण में एक लाख रुपये माखनगंज शाखा के एक बैंक खाते में भेजे।
इसके बाद ठगों ने क्रिप्टो में इन्वेस्टमेंट का कैलकुलेटेड प्राफिट दिखाकर विश्वास मजबूत किया,फिर कई किश्तों में यूएसडीटी खरीदने, स्टेकिंग और मेंटेनेंस फीस के नाम पर रकम ट्रांसफर करवाई। आख़िर में पीड़ित के अकाउंट में दिखाया गया कि उनका कुल 93.36 लाख का क्रिप्टाे करेंसी लास में चला गया है। इसी आधार पर ठगों ने कहा कि अब पैसे वापस नहीं मिल सकते।
विजय आनंद लोहिया ने पुलिस को बताया कि ठग उनसे चैट और काल के माध्यम से संपर्क में रहे,निवेश बढ़ाने के लिए बार-बार मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया गया,फर्जी मुनाफा दिखाकर आगे निवेश करवाया गया।एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने बताया कि अज्ञात साइबर ठगों की पहचान की जा रही है और बैंक खातों व डिजिटल लेनदेन की गहन जांच जारी है।
फेसबुक पर महिला ने दोस्ती कर जाल में फंसाया:
ऋतिका गुप्ता नाम की लड़की ने फेसबुक पर पहले विजय आनंद के पास फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा, खुद को व्यापारी बताया और वाट्सएप पर संपर्क बढ़ाकर क्रिप्टो ट्रेडिंग में भारी मुनाफा दिलाने का झांसा दिया।चैट के दौरान ऋतिका ने अपने सीनियर साकेत मित्तल, आकाश, संजीव और मेघना से भी बातचीत कराई, जिन्होंने खुद को ट्रस्ट क्वाइन ट्रेडिंग नामक क्रिप्टो कारोबार का संचालक बताया। लिंक भेजकर कथित लाभ दिखाया गया और प्ले स्टोर से बैलेंस एप डाउनलोड कराया गया।
पहले निवेश में मुनाफा मिलने पर बढ़ा भरोसा:
शुरुआत में 10 हजार रुपये निवेश कराकर तीन दिन लगातार फर्जी प्राफिट दिखाए गए और प्राफिट का कुछ हिस्सा वापस भेजकर भरोसा जीता गया। इसके बाद एक लाख रुपये से शुरू होने वाली पांच दिन की ट्रेडिंग आफर की गई, जिसमें प्रतिदिन 30 प्रतिशत नकद कमीशन लेने की शर्त रखी गई। प्राफिट का लालच देकर पीड़ित से लगातार रुपये जमा कराए गए। कुछ ही दिनों में बैलेंस एप पर 1.31 करोड़ रुपये की फर्जी रकम दिखने लगी।इसके बाद कमीशन के नाम पर रुपये ले लिए गए।
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ऐसे पहचाने क्रिप्टो का फ्राड प्लेटफार्म :
- प्लेटफार्म का डोमेन कुछ दिन पुराना होना
- मल्टी लेवल प्राफिट का वादा करना
- केवल स्क्रीनशाट आधारित मुनाफा दिखाना
- लॉगिन ओटीपी, ईमेल/एसएमएस की बजाय इन-एप दिखना
- भुगतान मांगने के लिए विदेशी वालेट पते भेजना
- कमीशन के रुपये लेने के लिए बार-बार नए बैंक खाते देना
क्या है क्रिप्टोकरेंसी व क्रिप्टो ट्रेडिंग?
क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल या वर्चुअल करेंसी है, जो ब्लाकचेन नामक तकनीक पर आधारित होती है। इसका कोई भौतिक रूप (जैसे नोट या सिक्का) नहीं होता। यह बैंक या किसी सरकार के नियंत्रण में नहीं रहती, इसलिए इसे डिसेंट्रलाइज्ड करेंसी कहा जाता है। सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी में बिटकाइन, एथेरियम, डाजकाइन आदि हैं।क्रिप्टोकरेंसी को खरीदना, बेचना या उनके मूल्य में उतार-चढ़ाव के आधार पर मुनाफा कमाने को क्रिप्टो ट्रेडिंग कहते हैं।ट्रेडिंग मोबाइल एप व आनलाइन एक्सचेंज के माध्यम से होती है।
यह शेयर मार्केट की तरह दिखता है, लेकिन ज्यादा जोखिमभरा है क्योंकि क्रिप्टो का मूल्य बहुत तेजी से ऊपर-नीचे होता है।भारत में क्रिप्टो अवैध नहीं है, लेकिन इसे कानूनी मुद्रा का दर्जा नहीं मिला है।

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