गोरखपुर, जेएनएन। पूर्वांचल के बाजार में करोड़ों रुपये की नकली दवाएं पहुंच चुकी हैं। यह दवाएं धड़ल्ले से बेची जा रही हैं। जालसाजों ने उन्हीं दवाओं का नकली उत्पाद तैयार किया है जो सर्वाधिक बिकती हैं और जिनके लिए डाक्टर के पर्चे की जरूरत नहीं होती। इनमें दर्द, बुखार, लीवर, गैस आदि की दवाएं शामिल हैं।

सात जनवरी को मामला सामने आया तो ड्रग विभाग सक्रिय हुआ। नकली दवाएं बेचने वाले चिह्नित किए जा चुके हैं। उनके यहां छापे की कार्रवाई चल रही है। एक व्यापारी के यहां से आठ लाख रुपये की गैस की दवाएं मिली हैं। उन्हें जब्त कर लिया गया है। कड़ी से कड़ी जोडऩे की कोशिश की जा रही है।

गोरखपुर से महराजगंज तक फैला है कारोबार

गोरखपुर से लेकर महराजगंज तक नकली दवाओं का कारोबार फैला हुआ है। गोरखपुर में अली नगर, हट्टी माई थान व भालोटिया में कुछ व्यापारी चिह्नित किए गए हैं। महराजगंज के सिसवा का भी एक व्यापारी निशाने हैं। विभाग को संदेह है कि नकली दवाओं की जड़ में यही व्यापारी हैं। उन पर शिकंजा कसने की तैयारी चल रही है।

बिहार तक जाती हैं दवाएं

गोरखपुर से बिहार के अनेक क्षेत्रों में दवाएं जाती हैं। ब्रांडेड कंपनियों की दवाओं का डुप्लीकेट तैयार कर जालसाजों ने बाजार में उतार दिया है। वे दवाएं जाने-अनजाने अनेक मेडिकल स्टोरों पर पहुंच चुकी हैं। नकली दवाओं की बात उजागर होने के बाद अब भालोटिया मार्केट में उन ब्रांड की दवाएं कोई पूछ नहीं रहा है जिनका नकली बाजार में उतारा गया गया है।

विभाग के हाथ लगा सुराग

ड्रग विभाग के हाथ जालसाज व्यापारियों का सुराग लग गया है। एक व्यापारी ने गलती से अपने कंप्यूटर में दवाओं की बिक्री चढ़ा दी है और जीएसटी नंबर डालकर उसका एनवाइस भी काट दिया है। हालांकि उस व्यापारी ने अपने कंप्यूटर की हार्ड डिस्क फार्मेट कर दी थी लेकिन विभाग ने उसे पुन: री-स्टोर कर लिया है। सहायक औषधि आयुक्त एजाज अहमद का कहना है कि शीघ्र ही सभी जालसाज पकड़ लिए जाएंगे।

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