गोरखपुर, गजाधर द्विवेदी। कोरोना संक्रमण से अप्रैल, मई व जून में दहशत का माहौल पैदा हो गया था। संक्रमण दर लगभग 23 फीसद तक पहुंच गई थी। पांच से 10 हजार लोगों की जांच में लगभग 1000 से 1400 लोग संक्रमित मिल रहे थे। अब कोरोना के कदम थम गए हैं। दो से चार हजार नमूनों की जांच में कभी एक-दो तो कभी शून्य संक्रमित मिल रहे हैं। अब संक्रमण दर गिरकर .001 फीसद पर पहुंच पर गई है। इससे स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है।

अब 24 घंटे में एक-दो की रिपोर्ट आ रही पाजिटिव

मार्च में 15 तारीख को संक्रमितों की संख्या शून्य थी। इसके बाद धीरे-धीरे बढ़ने लगी। 25 अप्रैल को 24 घंटे में सबसे ज्यादा 1440 संक्रमित मिले थे। 30 अप्रैल को सक्रिय मरीजों की संख्या 10308 हो गई। संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ने से सभी अस्पतालों में बेड फुल हो गए। आक्सीजन की कमी हो गई। लोग तड़पते रहे। माहौल दहशतजदा हो गया था। उसे याद कर भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं। लोग इलाज पर भरपूर रुपये खर्च करने को राजी थे लेकिन उन्हें जगह नहीं मिल पा रही थी। अपने स्वजन को समुचित इलाज के बिना अपनी आंखों के सामने मरते देखना लोगों की मजबूरी बन गई थी। लेकिन बचाव व सतर्कता के चलते धीरे-धीरे इस माहामारी पर नियंत्रण होने लगा। जून आते-आते मामले बहुत कम हो गए। जुलाई में तो जांच के मुकाबले संक्रमितों की संख्या नहीं के बराबर है। सक्रिय मरीज भी मात्र 38 रह गए हैं।

19 से 25 अप्रैल के आंकड़े

तारीख जांच संक्रमित

19 2820 792

20 16014 1067

21 3087 976

22 21085 1092

23 6203 1078

24 10877 1256

25 8751 1440

19 से 25 जुलाई के आंकड़े

तारीख जांच संक्रमित

19 1645 02

20 3900 05

21 3078 00

22 2788 04

23 2636 02

24 4126 02

25 2683 00

संक्रमण काफी हद तक कम हो गया है। यह लोगों की जागरूकता व बचाव के चलते ही संभव हो पाया है। कोरोना से बचाव के उपायों का पालन अभी करते रहना है क्योंकि कोरोना कम हुआ है, खत्म नहीं। साथ ही जो लोग टीका नहीं लगवाए हैं, वे लगवा लें। - डा. सुधाकर पांडेय, सीएमओ।

Edited By: Pradeep Srivastava