यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Corona Alert: चीन में बढ़ते कोरोना के मामलों को लेकर गोरखपुर में बढ़ी सतर्कता, बाहर से आने वालों पर विशेष नजर
Corona Alert in Gorakhpur गोरखपुर जिले में कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को सतर्क किया गया ...और पढ़ें

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। चीन समेत अनेक देशों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी पर स्वास्थ्य विभाग ने कर्मियों को सर्तक कर दिया है। सीएमओ ने निर्देश दिया है कि बाहर से आने वालों पर विशेष नजर रखी जाए। दूसरी तरफ जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र (आरएमआरसी) ने तैयारी कर ली है। जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए किन नमूनों को लिया जाएगा, इसकी योजना बना ली गई है। मीडिया प्रभारी डॉ. अशोक पांडेय के अनुसार जिनका सीटी वैल्यू 25 से नीचे और ट्रैवेल हिस्ट्री होगी, उन्हीं के नमूनों की जीनोम सिक्वेंसिंग की जाएगी। आगे इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च का जैसा आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा।
एक दिसंबर के बाद नहीं मिला कोई संक्रमित
एक दिसंबर के बाद जिले में कोरोना का एक भी संक्रमित नहीं मिला है। इसलिए जांच संख्या घटा दी गई है। मई-जून में प्रतिदिन दो-ढाई हजार जांचें होती थीं। इस समय इनकी संख्या घटकर दो सौ के अंदर आ गई है। विभाग का कहना है कि जब पाजिटिव केस मिलने लगेंगे तो जांच संख्या बढ़ाई जाएगी। फिलहाल स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मियों व आशा कार्यकर्ताओं को सतर्क कर दिया गया है कि विदेश व दूसरे राज्यों से आने वालों की कोविड जांच अवश्य कराई जाए। रिपोर्ट पाजिटिव आने पर सैंपल आरएमआरसी में जीनोम सिवेंसिंग के लिए भेजे जाएंगे।
एक हफ्ते में हुई कोरोना जांच
तारीख आरटीपीसीआर एंटीजन
16 दिसंबर 126 257
17 88 88
18 47 151
19 77 95
20 दिसंबर 107 159
सतर्कता डोज का लक्ष्य पूरा करना चुनौती
स्वतंत्रा दिवस पर सरकार ने सतर्कता डोज निश्शुल्क कर दी थी। इसे निश्शुल्क लगवाने की समय सीमा 30 सितंबर थी। ऐसे में विभाग लक्ष्य का मात्र 36 प्रतिशत ही पूरा कर पाया है। अब लोगों को शुल्क देकर यह डोज लगवानी होगी। इसलिए इसे पूरा करना विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।
क्या कहते हैं अधिकारी
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि 20 दिन से कोरोना की एक भी रिपोर्ट पाजिटिव नहीं आई है। इसलिए जांच संख्या घटा दी गई है। जो लोग जांच कराने आ रहे हैं, उन्हीं के नमूने लिए जा रहे हैं। इस समय कहीं कैंप लगाकर नमूने नहीं लिए जा रहे हैं। केस मिलने लगेंगे तो पुन: कैंप लगाकर सैंपलिंग शुरू कर दी जाएगी। सभी कर्मियों को सतर्क रहने व विदेश से आने वालों पर नजर रखने को कहा गया है
