गोरखपुर, जेएनएन। बिजली विभाग के जिम्मेदारों के खेल भी निराले हैं। विभाग ने कनेक्शन दिया ही नहीं और बिल के मद में नौ हजार रुपये वसूली के लिए भेज दिया। बिल मिलने के बाद सहजनवां ब्लाक के रावतपार गांव निवासी इंद्रावती पत्नी किशुन के होश उड़ गए और अब समाधान के लिए अफसरों की दर पर चक्कर काट रही है।

ढाई साल पहले किया था आवेदन

पीडि़ता का आरोप है कि उनके पति ने करीब ढाई वर्ष पहले कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। पैसा जमा करने के कुछ ही दिन बाद उनके पति की मृत्यु हो गई, तब से विभाग के लोगों की तरफ से न कोई सूचना दी गई और न ही घर में बिजली का कनेक्शन ही जोड़ा गया। इसके बावजूद नवंबर 2019 में लगभग 83 सौ रुपया का बिल विभाग ने भेज दिया। इसके बाद एक बिल और दिसंबर में भेजा गया। कुल मिला कर लगभग नौ हजार रुपये बिल मद में बकाया दिखाया गया है। जेई दीपक गुप्ता ने कहा कि मामले की जांचकर निस्तारण किया जाएगा। बिना कनेक्शन के बिल नहीं भेजना चाहिए।  

14 माह से अधूरा विद्युतीकरण कार्य होगा पूरा

भटहट विद्युत उपकेंद्र के तरकुलहां फीडर अंतर्गत ग्राम पंचायत अराजी चिलबिलवां में आखिरकार विद्युतीकरण कार्य पूरा किए जाने का निर्णय अधिकारियों ने लिया है। 14 माह से कार्यदायी संस्था की लापरवाही से गांव में विद्युतीकरण का कार्य अधूरा पड़ा था।

बता दें कि दैनिक जागरण के 13 जनवरी के अंक में 14 माह से सौभाग्य के इंतजार में ग्रामीण शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। खबर का विद्युत निगम के अधिकारियों ने संज्ञान में लिया और कार्यदायी संस्था के जिम्मेदारों को कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिए।

केवल पोल और तार लगे थे

विदित हो कि 14 माह पहले सौभाग्य योजना के अंतर्गत कार्यदायी संस्था एलएनटी ने विद्युतीकरण का कार्य शुरू किया था। संस्था ने लगभग दो दर्जन पोल व कुछ पर तार भी चढ़ाए थे, लेकिन शेष को अधूरा छोड़कर ठेकेदार गायब हो गए। ग्रामीणों ने कई बार इसकी शिकायत क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से लेकर एलएनटी के अधिकारियों से की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। ग्रामीण रामनरेश राजभर, जितेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार सिंह, महेंद्र कुमार चौधरी, राजेंद्र आदि ने दैनिक जागरण की सराहना करते हुए कहा कि खबर प्रकाशित होने के पश्चात उनकी महीनों पुरानी समस्या का तत्काल हल हो गया।

Posted By: Satish Shukla

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