गोरखपुर, जेएनएन। गोरखपुर में कांग्रेस की जिला एवं महानगर कमेटी के अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर उपजा विवाद कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी तक पहुंच गया है। उनके निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने शनिवार को जिला कोऑर्डिनेटर कौशल त्रिपाठी के माध्यम से पूर्व पदाधिकारियों को तमकुहीराज स्थित कार्यालय बुलाया और उनकी बात सुनी। उन्होंने 15 दिन में विवाद का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया।

15 दिन में विवाद सुलझाने का आश्‍वासन 

प्रदेश अध्यक्ष से मिलने पहुंचे जिला कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष जयंत पाठक ने बताया कि करीब तीन घंटे तक प्रदेश अध्यक्ष ने गोरखपुर जिले एवं शहर की वर्तमान परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा से वार्ता करके समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष के बुलावे पर पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश यादव, पूर्व उपाध्यक्ष रामहरि राय मधुकर, सेवादल पूर्वी जोन महिला अध्यक्ष पूनम मिश्रा, पार्षद संजीव सिंह सोनू, नवीन सिन्हा, बादल चतुर्वेदी, भूपेंद्र त्रिपाठी, ब्लॉक अध्यक्ष जयप्रकाश तिवारी, पूर्व जिला महासचिव सरवन यादव, राजू पांडेय, रईस अहमद, सुमंत श्रीवास्तव, द्वारिका नाथ गुप्ता, नरसिंह नारायण पांडेय, संजय जयसवाल आदि अपनी बात रखने पहुंचे थे।

बता दें कि गोरखपुर की जिला कमेटी की घोषणा होने के बाद से ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था। पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश यादव ने जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान को बसपाई बताते हुए उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा था कि वर्तमान जिलाध्यक्ष 2017 तक बसपा में रहीं, उसके बाद अचानक उन्हें जिलाध्यक्ष बना दिया गया। इससे पार्टी के पुराने व निष्ठावान कार्यकर्ता निराश हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश यादव ने इसे पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व उप्र प्रभारी प्रियंका वाड्रा के मिशन 2022 को फेल करने की साजिश करार देते हुए हाई कमान से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह से पार्टी में दूसरे दलों से आए लोगों को पद मिलता रहा तो पार्टी की हालत बेहतर नहीं हो सकते हैं।

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