यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
औद्योगिक भूखंडों के व्यावसायिक उपयोग डीएम सख्त, गीडा के चार अधिकारियों को दी नोटिस
गीडा में औद्योगिक भूखंडों का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है। कहीं सर्विस सेंटर खोला गया है तो कहीं कोई अन्य ...और पढ़ें

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) में आवंटित भूखंडों का निर्धारित उपयोग न कर व्यावसायिक उपयोग करने पर गीडा के सीईओ पवन अग्रवाल ने सख्त रुख अपनाया है। धड़ल्ले से भूखंडों का व्यावसायिक इस्तेमाल रोकने को लेकर प्रभारी कार्रवाई न करने वाले गीडा के चार अधिकारियों को सीईओ ने नोटिस देकर सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
इन्हें जारी हुई नोटिस
गीडा की ओर से उद्यमियों को औद्योगिक इकाई लगाने के लिए भूखंड आवंटित किए जाते हैं। लेकिन कुछ लोगों के भूखंडों के व्यावसायिक उपयोग हो रहे हैं। कहीं सर्विस सेंटर खोला गया है तो कहीं कोई अन्य व्यवसाय किया जा रहा है। इससे गीडा में जाम की समस्या भी पैदा हो रही है। इस बीच गीडा पहुंचे जिलाधिकारी विजय किरन आनंद एवं सीईओ गीडा से वहां के उद्यमियों ने इस बात की शिकायत की थी। अगले ही दिन सीईओ गीडा की ओर से सहायक प्रबंधक सिविल के पद पर कार्यरत रामकुमार, बृजेश कुमार अग्रहरि, विवेक वर्मा एवं योगेंद्र पाल सिंह को नोटिस जारी किया है।
भूखंडों के उपयोग का यह है नियम
नोटिस में कहा गया है कि कुछ भूखंडों का अनुमन्य उपयोग न करके उनका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। यह गीडा के प्रावधान के विरुद्ध है। चारो अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने अपने दायित्वों का ठीक से निर्वहन नहीं किया, जिसके कारण इस तरह की गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इस संबंध में विस्तृत आख्या के साथ स्पष्टीकरण सात दिन के भीतर सीईओ गीडा के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। स्पष्टीकरण न देने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। नोटिस मिलने के बाद गीडा के कर्मचारियों में हड़कंप है और ऐसी गतिविधियों को बंद कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
गीडा में जो भी भूखंड आवंटित किए गए हैं, उनका अनुमन्य उपयोग ही किया जा सकता है। कुछ भूखंडों का व्यावसायिक उपयोग करने की जानकारी मिली है। इसके लिए जिम्मेदार कर्मियों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। - पवन अग्रवाल, सीईओ।
