गोरखपुर, जेएनएन। दिवाली के बाद से पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपरी वायुमंडल में जमे स्मॉग के छंटने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। साइबेरिया की ओर से आ रही शुष्क ठंडी पछुआ हवाओं की वजह से ऐसा संभव हो रहा है। स्मॉग के छटने और ठंडी हवाओं के चलने का असर निचले वायुमंडल पर भी दिखने लगा है। बुधवार को गोरखपुर के न्यूनतम तापमान का 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे आना इसकी तस्दीक है।

तीन दिन में चार डिग्री सेल्सियस नीचे आया पारा

गोरखपुर का न्यूनतम तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जो बीते दिन के मुकाबले करीब ढाई डिग्री सेल्सियस कम है। अगर बीते तीन दिन के न्यूनतम तापमान के मुकाबले देखें तो यह गिरावट करीब 4 डिग्री सेल्सियस की है। 11 अक्टूबर को गोरखपुर का न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था।

पशुआ हवाओं ने बदला मौसम का मिजाज

मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि मंगलवार से ऊपरी वायुमंडल में पछुआ हवाओं के चलने का सिलसिला शुरू हो गया है। यह हवाएं साइबेरिया की ओर से आ रही हैं। 30 से 35 किलोमीटर की रफ्तार से चल रही यह हवाएं राजस्थान, उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार होते हुए तिब्बत तक जा रही हैं। ऐसे में ऊपरी वायुमंडल में स्मॉग छट रहा है और निम्न वायुदाब क्षेत्र बन रहा है। इस बदलाव का प्रभाव निचले वायुमंडल में पड़ रहा है, न्यूनतम तापमान में गिरावट आ रही है। हवा की रफ्तार जितनी तेज होगी, तापमान उतना ही गिरेगा। दो-तीन दिन में इसकी वजह से अधिकतम तापमान में भी गिरावट आएगी। फिलहाल गोरखपुर का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।

बीते पांच दिन में ऐसे गिरा न्यूनतम पारा (डिग्री सेल्सियस में)

तिथि      न्यूनतम तापमान

13 नवंबर         14.8

12 नवंबर         17.2

11 नवंबर         18.6

10 नवंबर         18.2

09 नवंबर         17.5

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