गोरखपुर, जेएनएन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिपराइच चीनी मिल अत्याधुनिक तकनीकों पर आधारित है। 15 मार्च के बाद मिल में चीनी का उत्पादन शुरू हो जाएगा। यहां की चीनी सल्फरलेस होगी। इस चीनी की विदेशों में काफी मांग है। मिल में प्रतिदिन 50 हजार क्विंटल गन्ना की पेराई की जाएगी। भविष्य में इसकी क्षमता को बढ़ाकर 75 हजार क्विंटल किया जाएगा।

रविवार को दोपहर करीब तीन बजे पहुंचे मुख्यमंत्री ने मिल के निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 24 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिल का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इसके बाद ट्रायल में 15 से 20 दिन लगेगा। मध्य मार्च से उत्पादन शुरू हो जाएगा। इससे किसानों के पांच लाख क्विंटल गन्ना की खपत यहीं हो जाएगी। मिल चलने से 500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार जबकि पांच हजार लोग अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार पाएंगे। 40 हजार किसानों को लाभ मिलेगा।

उन्होंने बताया कि चीनी की आवश्यकता नहीं होने पर गन्ने से एथनाल बनाया जाएगा। इससे किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान हो सकेगा। मिल में 27 मेगावाट की बिजली का भी उत्पादन किया जाएगा। सात मेगावाट बिजली का उपयोग मिल में होगा जबकि 20 मेगावाट बिजली ग्रिड को दी जाएगी।

किसानों को अच्‍छी पैदावार के लिए करें जागरूक

मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ना विभाग किसानों को जागरूक करने के लिए गोष्ठियों का आयोजन करें। किसान अ'छी प्रजाति के गन्ने की ही बुवाई करें जिससे अ'छी पैदावार हो सके। उन्होंने गन्ना किसानों को सीधे तकनीक से जोडऩे पर बल दिया।

मिल से होगा जीरो लिक्विड डिस्चार्ज

मुख्यमंत्री ने कहा कि चीनी मिल के आसपास बदबू रहती है लेकिन इस मिल से जीरो लिक्विड डिस्चार्ज होगा। इससे आस-पास के इलाकों में कोई बदबू नहीं फैलेगी। इससे किसी भी प्रकार के प्रदूषण की संभावना भी नहीं रहेगी।

Posted By: Pradeep Srivastava

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