गोरखपुर, जागरण संवाददाता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कर्तव्य के प्रति हम ईमानदार नहीं हैं तो धार्मिक कहलाने का अधिकार नहीं हैं। यह हमारा राष्ट्रीय दायित्व है कि हम सनातन धर्म के प्रति कृतज्ञ हों। यह दायित्वबोध ही है कि काशी क्षेत्र नए कलेवर में आया। श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण सांस्कृतिक आजादी व धार्मिक अभ्युदय का प्रारंभ है। गीता वाटिका में गुरुवार को आयोजित गृहस्थ संत व गीताप्रेस से प्रकाशित होने वाली पत्रिका 'कल्याण' के आदि संपादक भाईजी हनुमान प्रसाद पोद्दार के जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ या उपासना नहीं है। सनातन धर्म तो कहता है कि ऐसे कर्म करते जाओ कि मोक्ष स्वत: ही मिल जाए। भाईजी ने कर्म के साथ धर्म को जिया है। वह जो लेख लिखते थे, उसी के अनुरूप उनका आचरण भी था। इसलिए 130 वर्ष बाद भी हम उन्हें याद कर रहे हैं।

भाईजी जो बोलते थे, उसी के अनुरूप आचरण भी करते थे

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाईजी जो बोलते थे, उसी के अनुरूप आचरण भी करते थे। सच्चे धार्मिक व्यक्ति के यही लक्षण हैं। सनातन धर्म ने तो जितनी विराटता प्राप्त की और अभ्युदय के जितने मार्ग खोले हैं। उनके आधार पर हम सांस्कृतिक उत्कर्ष के लिए कार्य करेंगे तो हमारे कर्मों के आधार पर स्वत: ही मोक्ष की प्राप्ति हो जाएगी। जो भी कार्य मानव कल्याण के लिए हुए, भाईजी उसमें पीछे नहीं रहे। आजादी की लड़ाई के लिए उन्हें जेल भी जाना पड़ा। स्वतंत्र भारत में आजादी का स्वरूप कैसा हो, इसके लिए भी उन्होंने कार्य किया।

गुलामी के चिह्नों को समाप्त करवाने में भी वह पीछे नहीं रहे। श्रीराम जन्मभूमि व श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के प्रयास में उनका अहम योगदान रहा। अनेक अर्वाचीन मत-मजहब सनातन धर्म से प्रेरणा लेकर पूरी दुनिया में छा गए और हम संकुचित रह गए। जब हम पूजा-पद्धति तक सीमित रहते हैं तो संकुचित दायरे में कैद हो जाते हैं। सनातन धर्म का बहुत विराट स्वरूप है। यह धर्म संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। इसकी शिक्षाएं बहुत विराट हैं। मेरा-तेरा का भाव हमें संकुचित बुद्धि का बनाता है और यही द्वंद्व का कारण है। 88 हजार ऋषियों ने तीन साल में धर्म शास्त्रों को लिपिबद्ध किया ताकि उनका संरक्षण हो सके। भाईजी की तरह हमें भी उनके संरक्षण के लिए प्रयास करने चाहिए। उन्होंने भारतीय खेती व गोवंश के अभ्युदय पर सरकार द्वारा किए गए कार्यो का उल्लेख किया।

बेहतर प्रबंधन से नियंत्रित हुए महामारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर प्रबंधन के कारण कोरोना महामारी को नियंत्रित करने में हम सफल हुए। भारत की 135 करोड़ व अमेरिका की मात्र 33 करोड़ जनसंख्या है। भारत की अपेक्षा अमेरिका में डेढ़ गुना अधिक मौतें हुईं। आयुष व योग प्रभावी बनकर उभरा। एक संस्मरण के माध्यम से उन्होंने कहा कि अमेरिका में पांच डालर में हल्दी का पानी लोग खरीदकर पी रहे थे। हमारे यहां रसोई में हल्दी का रोज प्रयोग होता है। संक्रमण काल में यह साबित हो गया कि फास्ट फूड खतरनाक है।

Edited By: Pragati Chand