'बेटियों की सुरक्षा और सम्मान से ही विकसित भारत का संकल्प होगा पूरा'; गोरखपुर में बोले CM योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के चरगांवा में 8.05 करोड़ की लागत से बने राजकीय महिला शरणालय का लोकार्पण किया, जो निराश्रित और पीड़ित महिलाओं को आश्रय देगा।
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सीएम योगी आदित्यनाथ
HighLights
गोरखपुर में राजकीय महिला शरणालय का सीएम योगी ने किया लोकार्पण।
महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था सुधार पर सीएम योगी ने दिया जोर।
विभिन्न सरकारी योजनाओं से महिलाओं व युवाओं को मिल रहा लाभ।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को चरगांवा में राजकीय महिला शरणालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। करीब 8.05 करोड़ रुपये की लागत से बने 100 क्षमता वाले इस भवन में निराश्रित, घरेलू हिंसा से पीड़ित और परिवार से बिछड़ी महिलाओं को आश्रय मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने भवन का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को महिलाओं की जरूरतों के अनुरूप बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी और बेटियों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित रहते थे। उस समय गुंडागर्दी, जमीनों पर कब्जे और अराजकता की शिकायतें आम थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद सरकार ने कानून-व्यवस्था पर काम किया और प्रदेश में बदलाव आया है।
योगी ने कहा कि बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा, विवाह, सुरक्षा और स्वावलंबन तक सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता दे रही है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत जन्म से स्नातक तक 25 हजार रुपये की सहायता तथा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में एक लाख रुपये की व्यवस्था का उल्लेख किया।
साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई: योगी
उन्होंने बताया कि बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग, किताब, जूते-मोजे और स्वेटर दिए जा रहे हैं।
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन रोजगार के तहत अब तक साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयों से तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है और 24 हजार से अधिक स्टार्टअप संचालित हैं।
मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी जैसी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाएं आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों में कमी का भी दावा किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री बाल सेवा (कोविड) योजना के 10 लाभार्थियों को लैपटाप वितरित किए। इससे पहले उन्होंने 100 क्षमता वाले निर्माणाधीन राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का निरीक्षण किया। इसका निर्माण करीब 14.87 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है।
