गोरखपुर, जेएनएन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में राप्ती तट पर 18.69 करोड़ की लागत से बन रहे पक्के घाट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी और सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता से एक-एक चीज की जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारी एवं नगर आयुक्त से कहा कि ऐसी व्यवस्था करें कि नाले का गंदा पानी नदी में न जाए। शहर के 15 नालों का गंदा पानी नदी में जा रहा है। इन्हें टेप करने की जरूरत है। इससे नदी प्रदूषित नहीं होगी। घाट पर लगे पत्थरों की प्रंशसा करते हुए मुख्यमंत्री ने पूछा, कब तक घाट तैयार हो जाएगा। मुख्य अभियंता ने बताया कि मार्च-20 तक सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे।

घाट पर 100 मीटर लंबा तथा 78 मीटर चौड़ा प्लेटफार्म और सीढिय़ा बनाई जा रही हैं। लोगों को धूप एवं बारिश से बचाने के लिए प्लेटफार्म पर पांच राजस्थानी छतरी लगाई जाएंगी। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता एके सिंह व अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह ने मुख्यमंत्री को छतरी के फोटोग्राफ भी दिखाए। मुख्यमंत्री ने नदी में मिट्टी के ढेर के बारे में पूछा तो बताया गया कि उसके नीचे प्लेटफार्म बना है। वहां जंजीर लगाई जाएगी, ताकि लोग वहां सुरक्षित स्नान कर सकें। मुख्यमंत्री ने प्लेटफार्म को 50 मीटर बढ़ाकर नगर निगम की तरफ से बन रहे शवदाह गृह से जोडऩे को कहा।

उन्होंने जिलाधिकारी को बंधे से घाट तक सीसी रोड बनवाने के निर्देश दिए। घाट की सीढ़ी पर खड़े होकर मुख्यमंत्री ने रामघाट के बारे में जानकारी मांगी। उन्हें बताया गया कि घाट के ठीक सामने 24.84 करोड़ की लागत से 100 मीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा रामघाट बनेगा। घाट के दोनों तरफ छतरी एवं हाईमास्ट लगाए जाएंगे। निरीक्षण के दौरान महापौर सीताराम जायसवाल, पूर्व महापौर अंजू चौधरी, पार्षद रामभुआल कुशवाहा, संजय श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

Posted By: Pradeep Srivastava

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