गोरखपुर, जेएनएन। नवरात्र और विजयादशमी पूजा के लिए पांच अक्टूबर को गोरखपुर आये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार की सुबह जनता दर्शन में फरियादियों की समस्या सुनने के बाद लखनऊ रवाना हो गए। लखनऊ रवाना होने के पूर्व सीएम योगी ने गोरखनाथ मन्दिर के हिन्दू सेवाश्रम में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में करीब 250 लोगों की फरियाद सुनी और समस्या समाधान के आश्वस्त किया। साथ ही इसे लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश भी दिए।

मंदिर में पूजा अर्चना की, गायों को गुड़ चना खिलाया

इससे पहले मुख्यमंत्री की सुबह की दिनचर्या परम्परागत रही। सुबह सवा पांच बजे वह अपने आवास से निकले और बारी-बारी से बाबा गोरखनाथ के दरबार और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के समाधि स्थल पर जाकर उनकी आराधना की। आधा घंटा उन्होंने गोशाला में गायों के बीच गुजारा और उन्हें अपने हाथों से गुड़ चना खिलाया। उसके बाद वह पहुंचे हिन्दू सेवाश्रम, जहां बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्या कहने के लिए उनका इंतजार कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने भी उनके दर्द को समझा और बारी-बारी से सबके पास खुद पहुंचकर ध्यान से उनकी समस्या सुनी।

अफसरों को दी हिदायत

कई फरियादियों ने जब समस्या समाधान में अफसरों की ओर से की जा रही लापरवाही की शिकायत की तो उन्होंने इसे लेकर पास खड़े डीएम, एडीजी पुलिस, आईजी, एसएसपी सहित अन्य अफसरों को कड़ी हिदायत दी। बहुत से शिकायती पत्रों को उन्होंने सीधे डीएम और एसएसपी को सौंप दिया और तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

सीएम के जाने के बाद भी आते रहे फरियादी

जनता दर्शन समाप्त होने के बाद भी फरियादियों के आने का सिलसिला चलता रहा तो योगी ने बाकी लोगों का शिकायती पत्र लेने के लिए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के प्रभारी मोती लाल सिंह, डीएम और एसएसपी को निर्देशित किया। प्रभारी ने बताया कि करीब 150 लोगों की फरियाद मुख्यमंत्री के जाने के बाद भी सुनी गई। जनता दर्शन के बाद पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री सुबह 9:30 बजे लखनऊ के लिए रवाना हो गए।

Posted By: Pradeep Srivastava

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