गोरखपुर, जेएनएन। जिले के विभिन्न ब्लॉकों के 159 और गांव जल्द ही गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) में शामिल हो जाएंगे। बुधवार को जीडीए बोर्ड की बैठक में प्राधिकरण के सीमा विस्तार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इसे अब शासन के पास भेजा जाएगा। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद गांवों को शामिल करने का नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा। इसके साथ ही जीडीए के दायरे में आने वाले कुल गांवों की संख्या 329 हो जाएगी।

प्राधिकरण में फिलहाल 170 गांव शामिल हैं। वर्ष 2009 में 52 और गांव जोडऩे के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इधर 107 और गांवों को शामिल का प्रस्ताव तैयार किया गया। बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया गया कि 107 गांवों के साथ ही पहले के 52 गांवों के प्रस्ताव को मिलाकर शासन के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। नए गांव, प्राधिकरण के दायरे में आए तो वहां सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का विकास तो होगा ही, जीडीए का लैंड बैंक भी बढ़ेगा। जुडऩे वाले नए गांवों में से अधिकतर मुख्य सड़क से 500 मीटर के दायरे में हैं।

जीडीए बोर्ड की बैठक में प्राधिकरण के सीमा विस्तार को मंजूरी दी गई है। 159 गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा, इसमें 52 गांव पहले से प्रस्तावित हैं। शासन की मंजूरी के बाद सीमा विस्तार हो जाएगा। -  राम सिंह गौतम, सचिव, जीडीए

ये हैं प्रस्तावित 107 नए गांवों की सूची

गोरखपुर-पिपराइच मार्ग, नगर-पिपराइच

ब्लाक-भटहट : सोनराईच उर्फ बड़ेगांव, बनकटिया बुजुर्ग, खरियाबाद, ताज पिपरा, चिटवना, नेउरी

ब्लाक-पिपराइच : खजहवा, सिधावल, रिठिया, हरखापुर, मुरेढ़ी गढ़वा, पिपरा मुगलान

गोरखपुर-बड़हलगंज मार्ग, ब्लाक-पिपरौली : पिछौरा, जोतगा मापर, शिवघाट, ऊंच गांव, बैवाहरिया, जोत सोजावर, जोत देहरा, जोत डाढड़ीह, जोत सुक्लही, सेवईं, जंगल बुढ़ीरामसिंह, अराजी बॉंसी जायसवाल, ककराखोर, जंगल अखलास कुँवर, जगल मोलाहु कुँवर, कोट काक्षा सानी, जगल बिशेषर दयाल, जंगल रानी सोहास कुंवरी, जंगल विशरामपुर

गोरखपुर-सोनौली मार्ग, नगर-पीपीगंज, ब्लाक कैम्पियरगंज : जंगल बिहुली, जंगल अगही, जंगल झझवा, सहाबगंज, बगहीवारी, मखहना

ब्लाक-जंगल कौडिय़ा : हरपुर, कोल्हुवा, टिगरा, भइयाराम, जरहद, नयनसर, नरही, रामपुर, रसूलपुर चकिया, जगल कौडिय़ा

गोरखपुर-खलीलाबाद मार्ग, नगर-सहजनवा, ब्लाक पाली : ममउर, मंझरिया

ब्लाक-सहजनवा : सेमरा, बसिया, बेल्हर माफी

ब्लाक-जंगल कौडिय़ा : कोठा, खरिया, अराजी मोहम्मदपुर, मोहम्मदपुर माफी, जमउर, मझगांवा, अहिरौली

गोरखपुर-महराजगंज मार्ग, ब्लाक-भटहट : चकखान मोहम्मद, फुलवरिया, करमहा खु्र्द, रामपुर खुर्द, अशरफपुर, साल्हपुर, औरंगाबाद, रसूलपुर गोनियां, पिपरी, सीरा उर्फ बरगढ़ी, इस्लामपुर, रामपुर बुजुर्ग, मेहदिया,  जमुनिया, अराजी चिलबिलवा, भटहट, मीरापुर, अतरौलिया, चकिया, अमवा, भलुही

गोरखपुर-कुशीनगर मार्ग, ब्लाक-पिपराइच : जयपुर, रामडीह, सिसवा उर्फ चनकापुर, बेलवा खुर्द, सोनबरसा खुर्द,

ब्लाक-सरदारनगर : मलमलिया, चनकपुर, भाट गनवा, बैकुण्ठपुर, विशुनपुर खुर्द, छपर मंसूर, डुमरी खास, रामपुर बुजुर्ग, नरायनपुर, टीहा, विशंभरपुर, शिवपुर, गहिरा, देवीपुर, देवी तरकुलवा, शत्रुघ्नपुर, र'चोपुर, भरतपुर, लक्ष्ननपुर, वहुपुर, मोती पाकड, चकदेइया, महादेवा जंगल, महादेवा।   

150 एकड़ जमीन के बदले जीडीए ने मांगा 535 करोड़

रामगढ़ताल क्षेत्र में एक उद्यमी एवं एक बिल्डर को आवंटित 150 एकड़ जमीन वन विभाग को ट्रांसफर होनी है। इसके लिए जीडीए ने शासन से 535 करोड़ रुपये मांगे हैं। बुधवार को जीडीए बोर्ड की बैठक में इस बात पर मुहर लगा दी गई है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण की ओर से 150 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) के निर्णय से आवंटियों को झटका लगा था। यह मामला अब भी न्यायालय में विचाराधीन है।

एनजीटी नई दिल्ली की प्रमुख बेंच ने 29 अप्रैल 2019 को मीरा शुक्ला बनाम नगर निगम गोरखपुर प्रकरण की सुनवाई में जमीन को वन विभाग को ट्रांसफर करने का निर्देश दिया है। ताकि उसे मूल स्वरूप में सुरक्षित रखा जा सके। एनजीटी ने कहा था कि वेटलैंड पर किसी तरह का निर्माण नहीं होना चाहिए। जिसके बाद जीडीए ने जमीन वन विभाग को ट्रांसफर करने को लेकर 535 करोड़ रुपये की मांग शासन के समक्ष रखी है। बोर्ड की बैठक में मंजूरी मिलने के बाद इस प्रस्ताव को नए सिरे से भेजने की तैयारी है। 

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