गोरखपुर, जेएनएन। अंतरराष्ट्रीय पर्यटक केंद्र कुशीनगर में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बौद्ध वन विपश्यना पार्क का विकास मथुरा, वृंदावन की तर्ज पर सिटी फारेस्ट के रूप में किया जाएगा। पार्क के विकास के लिए कसाडा से 60 लाख रुपये स्वीकृत हो गए हैं। कार्य शीघ्र प्रारंभ हो जाएगा। लगभग छह माह में सिटी फारेस्ट का विकास कर लिया जाएगा। करुणा सागर पार्क के लिए 1.4 करोड़ रुपये की भी स्वीकृति मिल गई है।

यह होगा आकर्षक का केंद्र

अंतरराष्ट्रीय पर्यटक केंद्र कुशीनगर में पर्यटकों के लिए यह कार्य हो रहा है। इसमें बुद्धा घाट, करुणा सागर पार्क और सिटी फारेस्ट हेरिटेज वाक के तीन स्टेप पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र होगा। सिटी फारेस्ट में मेडिटेशन चेंबर्स, मेडिटेशन पवेलियन, फब्बारे का जीर्णाेद्धार, कम से कम ईंट और सिमेंट का प्रयोग करके दो तालाबों का सुंदरीकरण कराया जाएगा। करुणा सागर पार्क पर हिरण्यवती घाट का उच्चीकरण, विशाल पार्क का निर्माण, पर्यटकों के बैठने के लिए फर्नीचर, लाइ¨टग, पेयजल आदि की सुविधा का विकास करना है। बुद्धा घाट पर पार्कों का निर्माण प्रगति पर है। सिटी फारेस्ट को महापरिनिर्वाण बुद्ध मंदिर परिसर से भी जोड़ने की योजना है ताकि पर्यटक सीधे वहां आ सकें।

इन योजनाओं का ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अभिषेक पांडेय ने बौद्ध विपश्यना पार्क, बुद्धा घाट और करूणा सागर के लिए हिरण्यवती नदी का निरीक्षण किया। पांडेय ने बताया कि इससे पर्यटकों का ठहराव बढ़ेगा और कुशीनगर में पर्यटन व्यवसाय का विकास होगा। भ्रमण के दौरान ईओ प्रेमशंकर गुप्त, उपवन राजीक दिनेश्वर लाल श्रीवास्तव, वन रक्षक रामधनी, ब्रजेश मणि त्रिपाठी, हरिशंकर ¨सह आदि उपस्थित रहे।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस