गोरखपुर, जेएनएन। कोरोना काल में पूर्वांचल के साइकिल बाजार से चाइना की छुट्टी हो गई। जनवरी 2020 तक चाइन से बड़ी मात्रा में साइिकल और उसके पार्टस आयात होता था, लेकिन पहले कोरोना और फिर चीन से खराब हुए रिश्तों के कारण वहां से माल आना बंद हो गया। बड़े कारोबारियों ने चाइनिज साइकिल का आर्डर देना भी बंद कर दिया है। फिलहाल साइिकल और पाट्स लुधियाना, पंजाब और गाजियाबाद से आ रहा है। मांग को देखते हुए कई लोकल कंपनियों ने भी बाजार में दस्तक दी है। लोकल कंपिनयों की साइिकलें ब्रांडेड के मुकाबले 15 से 18 फीसद तक सस्ती हैं।

बीस फीसद तक बढ़ गई बिक्री

कोरोना काल में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता कहें या मजबूरी, हर वर्ग के लोगों को साइकिल की सवारी खूब रास आ रही है। यही वजह है कि अब लोग शौक के लिए भी साइकिल खरीद रहे है। बीते तीन माह में साइिकल की बिक्री में 20 फीसदी तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं मांग के अनुरूप प्रोडक्शन न होने के कारण कीमतें भी पांच से आठ फीसद तक बढ़ी है।

15 सौ से लेकर 15 हजार रुपये तक की साइकिल की मांग

सुबह-सबेरे जिम में व्यायाम करने के शौकीन लोगों से लेकर अपने काम पर निकलने या जरूरी काम निपटाने के लिए भी लोग इन दिनों साइकिल का सहारा ले रहे हैं। स्कूल बंद हाेने के चलते बच्चों की साइकिल भी खूब बिकी। रेती रोड और मियां बाजार में साइकिल की लगभग सभी दुकानों पर पूरे दिन ग्राहक नजर आते हैं। किसी को 22 इंच की स्टैंडर्ड तो कोई एमटीबी रेंजर या एसएलआर पसंद कर रहा है। 15 सौ से लेकर 15 हजार रुपये तक की साइकिल आसानी से बिक रही है। 

व्‍यायाम के लिए भी लोग खरीद रहे हैं साइकिल

शोरूम हिन्दुस्तान साइिकल के मालिक सौरभ सेठी ने बताया कि बिक्री में बढ़ोतरी से यह संकेत मिल रहा है कि शहरी लोग व्यायाम और छोटी दूरी तय करने के लिए साइकिल का इस्तेमाल कर रहे हैं। मांग बढ़ने से साइिकल उद्योग को नई ऊर्जा मिली है। लुधियाना और पंजाब में फैक्ट्रियां 24 घंटे चल रही हैं। रेती स्थित पन्ना साइिकल स्टोर के मालिक शैलेश जायसवाल के मुताबिक मैंने अब तक अपने जीवन में साइकिल की इतनी मांग कभी नहीं देखी। खासकर बच्चों की (चार से लेकर दस साल) साइिकल सबसे ज्यादा बिक रही है। मंगलवार को दुकान बंद रहती है बावजूद इसके ग्राहक दुकान खोलने का दवाब बनाते हैं।

ऑनलाइन भी खूब बिक रहीं साइिकलें

सिर्फ दुकानों से नहीं बल्कि ऑनलाइन भी साइिकल की खूब बिक्री हो रही है। फ्लिपकार्ट, अमेजन, फस्टक्राई के अलावा दर्जनों ई-कामर्स कंपनियों से लोग साइकिल मंगवा रहे हैं। कूरियर का काम करने वाले संतोष के मुताबिक पहलेे कभी-कभार ही साइकिल आया करती थी, लेकिन अब प्रतिदिन 80 से लेकर 100 साइिकलें मंगवाई जा रही है। इनमें बच्चों के अलावा महंगी साइिकलें भी शामिल हैं।

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