गोरखपुर, जेएनएन। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी 31 मार्च से पहले कालेसर-जंगल कौडिय़ा फोरलेन का लोकार्पण और जंगल कौडिय़ा से जगदीशपुर बाईपास का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह जानकारी जिले के आला अफसरों को दी। इसके लिए उन्होंने फोरलेन को 15 मार्च से पहले चलने लायक बना देने और जंगल कौडिय़ा-जगदीशपुर बाईपास के एलाइनमेंट को भी अंतिम रूप दे देने का निर्देश दिया।

मोहद्दीपुर-जंगल कौडिय़ा फोरलेन के निर्माण कार्य के प्रगति की ली जानकारी

इस दौरान मुख्यमंत्री ने मोहद्दीपुर-जंगल कौडिय़ा फोरलेन के निर्माण कार्य के प्रगति की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि इस मार्ग से जुड़े शहरी क्षेत्र के हिस्से का निर्माण कार्य भी अप्रैल तक हर हाल में पूरा कर लें।

मार्च तक अतिक्रमण हटाने के निर्देश

मार्च तक तरंग क्रासिंग और धर्मशाला अतिक्रमण को हटाने का निर्देश भी योगी ने दिया। मुख्यमंत्री ने अंडरग्राउंड केबल बिछाए जाने में हो रही देरी पर सवाल किया तो जिलाधिकारी ने बताया कि कार्यदायी फर्म के ब्लैकलिस्ट हो जाने की वजह से कार्य में विलंब हुआ है। दोबारा निविदा आमंत्रित की गई है, जल्द कार्य शुरू हो जाएगा।

असुरन-मेडिकल कॉलेज फोरलेन के कार्य में लाएं तेजी

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह असुरन से मेडिकल कालेज तक के फोरलेन निर्माण के कार्य में तेजी लाएं। साथ ही नाला निर्माण का कार्य इसे ध्यान में रखकर पूरा करें कि उससे कॉलोनी की जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित न होने पाए। इसके लिए संयुक्त टीम गठित किए जाने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया।

वाराणसी-गोरखपुर राजमार्ग की प्रगति पर होगी वीडियो कान्फ्रेंसिंग

मुख्यमंत्री ने जब अधिकारियों से वाराणसी-गोरखपुर राजमार्ग की प्रगति के बारे पूछा तो जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पाण्डियन ने बताया कि कार्य की निगरानी प्रगति पोर्टल के जरिये पीएमओ से की जा रही है। प्रतिदिन उसकी प्रगति रिपोर्ट अपलोड की जा रही है। इस संबंध में गुरुवार को पीएमओ से वीडियो कान्फ्रेंसिंग भी होनी है। मुख्यमंत्री ने कार्य को तेेजी से पूरा करवाने का निर्देश दिया।

स्पेशल इकोनॉमिक जोन का जल्द भेजें प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान जंगल कौडिय़ा-जगदीशपुर रिंग रोड के दोनों ओर कृषि उत्पादों के लिए प्रस्तावित स्पेशल इकोनॉमिक जोन (सेज) पर भी चर्चा की। इसके लिए जिलाधिकारी को अधिकृत करते हुए जल्द प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि भारत से नेपाल को 162 वस्तुओं की आपूर्ति की जाती है। ऐसे में यहां पर आयात-निर्यात का हब बनने से स्थानीय किसानों और उद्यमियों को काफी फायदा होगा। 

Posted By: Satish Shukla

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