गोरखपुर, जेएनएन। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने युवाओं को नसीहत दी है कि वह महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व व कृतित्व से प्रेरणा लेकर देश के लिए बड़ी कुर्बानी को तैयार हों। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन देश के स्वाभिमान की रक्षा के लिए बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने की प्रेरणा देता है। डॉ. रमन सिंह मंगलवार को महाराणा प्रताप इंटर कालेज परिसर में आयोजित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह के उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे हैं।
पूर्वाचल के शैक्षिक विकास में शिक्षा परिषद के प्रयासों की सराहना करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि ब्रिटिश राज में राष्ट्र प्रेम, शिक्षा का प्रसार और जीवन मूल्यों का संरक्षण एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसे महंत दिग्विजयनाथ कर दिखाया। महाराणा प्रताप के नाम पर शिक्षा परिषद का गठन कर देश के स्वाभिमान और आजादी की रक्षा के लिए एक शानदार आदर्श प्रस्तुत किया। इस क्रम में उन्होंने महंत दिग्विजयनाथ की तुलना मदन मोहन मालवीय से भी की और कहा कि महंत ने मालवीय जी के प्रयास को आगे बढ़ाते हुए देश की संस्कृति और परंपरा को संरक्षित करने के लिए कार्य किया।
परिषद की 1932 से 2018 तक शैक्षिक यात्रा अनुकरणीय है। शिक्षा से बड़ा यज्ञ, धर्म और कर्म नहीं हो सकता, परिषद की संस्थाओं ने अपने कार्यशैली से यही साबित करने का प्रयास किया है। विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत की नसीहत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उसका कोई विकल्प नहीं होता। अपने आध्यात्मिक, शैक्षिक, शारीरिक और मानसिक विकास के लिए उन्हें लगातार प्रयास करते रहना चाहिए। योगी सरकार की तारीफ कर गिनाई अपनी उपलब्धियां संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश में योगी सरकार के कार्याें की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि योगी की अगुवाई ने प्रदेश ने उपलब्धियों और ऊंचाइयों के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। 22 करोड़ की जनसंख्या वाले प्रदेश में बड़ा परिवर्तन दिखाई देने लगा है। किसानों की दशा में सुधार हुआ है तो औद्योगीकरण को भी बढ़ावा मिला है। कानून व्यवस्था में सुधार से प्रदेश नव निर्माण की राह में आगे बढ़ा है। उनका प्रयास देश के अन्य मुख्यमंत्रियों को सीख देने वाला है। अयोध्या से खुद को जोड़ते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि वह भगवान राम के ननिहाल यानी माता कौशल्या की नगरी से आए हैं। ऐसे में उन्हें उत्तर प्रदेश में अपनेपन का अहसास हो रहा है। इसी क्रम में वह अपने सरकार की उपलब्धियां गिनाना भी नहीं भूले। बताया कि 15 वर्ष पहले जब उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की कमान संभाली तो वह प्रदेश पिछड़ा और पलायन करने वाला प्रदेश कहा जाता था लेकिन अब यह विकसित छत्तीसगढ़ के रूप में पहचाना जाता है।
उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने बताया कि आज देश के 22 फीसद स्टील का उत्पादन अकेले छत्तीसगढ़ करता है। देश के 16 फीसद सीमेंट और 18 फीसद अल्यूमिनियम को तैयार करने का श्रेय भी छत्तीसगढ़ को ही है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ इस समय 22000 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी करता है। मुख्यमंत्री ने धान, कोयला और लोहा के उत्पादन में राज्य के विशिष्ट पहचान की भी चर्चा की। गुरु गोरक्ष से मांगी राज्य की तरक्की के लिए दुआ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने संबोधन के दौरान बताया कि वह पहली बार गोरखपुर आए हैं और पहली बार उन्हें गुरु गोरक्षनाथ के दर्शन-पूजन का अवसर मिला है।
दर्शन-पूजन के बाद उन्हें अद्भुत ऊर्जा, शक्ति और प्रताप की अनुभूति हुई है। उन्होंने यह भी साझा कि गुरु गोरक्षनाथ से उन्होंने अपने राज्य की ढाई करोड़ जनता की तरक्की के लिए दुआ मांगी है। इसी क्रम में डॉ. सिंह ने सोमवार की रात देखे लाइट एंड साउंड शो की भी जमकर तारीफ की। कहा कि उस शो से उन्हें गोरक्षपीठ की आध्यात्मिक यात्रा की विस्तार से जानकारी हासिल हुई।

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