विश्‍वदीपक त्रिपाठी, गोरखपुर। मिजाज से ठंडे नेपाल में इन दिनों पर्यटकों, खासकर भारतीय पर्यटकों और व्‍यापारियों को यात्रा करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। नेपाल यहां भारत सहित पूरी दुनिया से आने वाले पर्यटक व मालवाहक वाहनों पर नए-नए नियम लागू कर रहा है। पिछले दो माह में आधा दर्जन से अधिक बार नेपाल आने-जाने के नियमों में बदलाव हुआ है।

सबसे अधिक असर भारतीय व्‍यापारियों पर

इन नियमों का सर्वाधिक असर भारत पर पड़ा है। नए नियमों के चलते सीमा पर व्यापार प्रभावित हुआ है, वहीं पर्यटकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। माह भर के अंदर नेपाल में फल व सब्जियों के आयात से लेकर पर्यटक वाहनों के लिए भी करीब आधा दर्जन नियम बदले गए हैं। यदि नेपाल घूमने का इरादा है या फिर पड़ोसी देश में व्‍यापार करने की सोच रहे हैं तो नए नियम कायदों को जान लेना बेहतर होगा। बिना नियम-कानून को जाने नेपाल में प्रवेश करना परेशानी का सबब बना सकता है। 

जांच के बाद नेपाल भेजी जा रहीं सब्‍जियां व फल

भारत से नेपाल जाने वाली सब्‍जियां व फल अब बिना जांच के पड़ोसी देश नहीं जा सकेंगी। फल व सब्‍जियों की तीन चरणों में जांच के बाद उन्‍हें नेपाल के बाजारों तक लेे जाने की अनुमति मिलेगी। पहले यह जांच काठमांडू में होती थी, लेकिन अधिक समय लगने के  कारण जांच स्‍थल सीमा से करीब 50 किमी दूर बुटवल बना दिया गया है । यह नियम लागू होने से पूर्व सोनौली सीमा के रास्‍ते प्रतिदिन औसत रूप से 300 ट्रक  नेपाल जाते थे, अब यह आंकड़ा 100 से 150 ट्रकों  के बीच सिमट गया है।

अब बैंक में जमा हो रहा नेपाली कस्टम शुल्क

सोनौली से सटे नेपाल के बेलहिया भंसार पर पर्यटक व मालवाहक वाहनों से कस्टम शुल्क लिए जाने के नियम कानून में बदलाव हुआ है। कस्‍टम शुल्‍क अब भंसार कार्यालय की बजाए वाणिज्‍य बैंक की नई  शाखा में जमा किया जा रहा है। सुबह से घंटों कतार में लग शुल्क जमा करने के बाद लोगों को रसीद लेकर पुराने काउंटर पर आना पड़ रहा है। फिर वाहन प्रवेश के कागजात बनेंगे। 

वाहन खेप ट्रेकिंग प्रणाली भी लागू

नेपाल में अब व्हीकल कंसाइनमेंट ट्रेकिंग सिस्टम (वाहन खेप ट्रेकिंग प्रणाली) द्वारा भारतीय वाहनों को पास किया जा रहा है। जिससे पता लगेगा कि नेपाल भंसार में गाड़ी कब पास हुई है और कब अनलोड हुई है। गाड़ी पास करने के बाद सिस्टम को क्लिक करना होगा, उसके बाद सामान जहां अनलोड होगा, वहां भी क्लिक करना होगा। राजस्व चोरी रोकने के लिए नेपाल सरकार द्वारा यह नियम लागू किया गया है। नए नियम के मुताबिक भैरहवा भंसार के एजेंट ड्राइवर को एक रसीद देंगे, जिससे रास्ते में कही भी कोई चेकिंग नहीं की जाएगी। राजस्व अनुसंधान विभाग काठमांडू की देखरेख में सभी गाड़ियों को रखा जाएगा।

भारतीय मिल्क जूस पर लगा प्रतिबंध

नेपाल सरकार भारत से नेपाल आयात होने वाले डिब्बा बंद मिल्क जूस और एनर्जी ड्रिंक में खतरनाक रसायन होने की बात करते हुए पहले ही पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा चुका है। अब भारत से नेपाल मिल्क जूस व दूध से बना  कोई भी पेय पदार्थ, एनर्जी ड्रिंक्स नहीं जाएंगे। भैरहवा कस्टम चीफ कमल भटराई ने बताया कि नेपाल सरकार द्वारा प्राप्त पत्र के अनुसार भारत से आने वाले मिल्क जूस, दूध से बने पेय पदार्थ और एनर्जी ड्रिंक्स के नेपाल आयात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

100 रुपये को छोड़ भारतीय नोट भी प्रतिबंधित

नेपाल सरकर ने भारतीय 2000, 500 व  200 के नोट भी प्रतिबंधित कर दिया है। अब सिर्फ 100 रुपये के भारतीय नोट ही वहां चलन में हैं। अधिक संख्‍या में यदि आप के पास 2000, 500 व  200 के भारतीय नोट पुलिस ने बरामद किया तो आप कार्रवाई की जद में भी आ सकते हैं।

मान्यता प्राप्त पहचान पत्र का होना जरूरी

नेपाल जाते समय आपके पास भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त फोटोयुक्त पहचान पत्र होना अनिवार्य है। नेपाल में यदि आप होटल, पार्क, धार्मिक स्थल सहित अन्य पर्यटक स्थलों पर भ्रमण करना चाहते हैं तो वहां आपको पहचान पत्र दिखाने एवं उसे फीड कराने के बाद ही आगे सैर करने की अनुमति दी जाएगी। अन्यथा वापस घर लौटना पड़ सकता है।

इन बातों का भी रखें विशेष ध्‍यान

भारत से नेपाल में प्रवेश करते समय ध्यान में रखने वाली सबसे अहम बात यह है कि यदि दो पहिया या चार पहिया वाहन से नेपाल में जाना चाहते हैं तो आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी का कागज सहित वाहन से संबंधित सभी कागजातों का होना जरूरी है। इसके बाद  सोनौली सीमा के नजदीक स्थित नेपाल के भंसार कार्यालय में जाकर अपने वाहन को नेपाल ले जाने के लिए अनुमति लेनी होगी। यदि भैरहवा तक जाना चाहते हैं तो आपको वाहन की सुविधा करानी होगी। भैरहवा के आगे नेपाल के किसी भी शहर में जाना के  लिए वाहन का भंसार कराना आवश्‍क है।

इन सामानों का नेपाल ले जाना वर्जित

नेपाल सीमा में किसी प्रकार का असलहा, कारतूस, विस्फोटक, नशीला पदार्थ आदि इस तरह का सामान ले जाना सख्त मना है। फिर चाहे वह भारत से लाइसेंस प्राप्त ही क्यों  न हो।  नेपाल में आवश्यकता से अधिक रोजमर्रा के सामानों को भी ले जाना गैर कानूनी है।

Posted By: Pradeep Srivastava