गोरखपुर, जेएनएन। रेलमंत्री और रेलवे बोर्ड की इच्छा है कि ट्रेनों में चेनपुलिंग न हो। टिकट दलालों पर पूरी तरह रोक लगे। पूर्वोत्तर रेलवे में चेनपुलिंग एक बड़ी समस्या है। अधिकारी चेनपुलिंग सहित आरक्षण टिकट दलालों पर भी प्रभावी अंकुश लगाएं। यह दिशा-निर्देश रेलवे सुरक्षा बल, रेलवे बोर्ड के महानिदेशक अरुण कुमार ने दिया है। वह महाप्रबंधक सभागार में समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। इसमें संबंधित समस्त विभागों के रेल अधिकारी  मौजूद थे।

रेलवे में ठीक तरीके से जांच आवश्‍यक

उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे का कार्य क्षेत्र बड़ा है। रेलवे सुरक्षा बल, राजकीय रेलवे पुलिस, वाणिज्य विभाग और आइआरसीटीसी के अधिकारी इसकी मॉनिटरिंग करें। रेलवे में अपराध की रोकथाम के लिए राजकीय रेलवे पुलिस महत्वपूर्ण अंग है। प्रत्येक केस में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को जांच ठीक तरीके से करनी होगी। हालांकि राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) व आरपीएफ संयुक्त रूप से अपराध रोकने की दिशा में विशेष प्रयास कर रहे हैं। इसमें रेलवे के अधिकारियों का भी पूरा योगदान है।

आरपीएफ को नई तकनीक जानना जरूरी

महानिदेशक ने आरपीएफ प्रशिक्षण केंद्र में सुरक्षा सम्मेलन को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आरपीएफ कर्मी नई तकनीक को समझें और उसका उपयोग करते हुए यात्रियों की सुरक्षा और सहयोग करें। उन्होंने आरपीएफ की समस्याएं भी सुनीं और दूर करने के लिए निर्देशित किया।

पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव अग्रवाल ने कहा कि ट्रेनों में स्कोर्ट के जरिये यात्रियों को सुरक्षा प्रदान की जा रही है। आरपीएफकर्मी रेल संपत्तियों व परिसर की सुरक्षा, मानव तस्करी की रोकथाम, भटके बच्चों की देखभाल व यात्रियों की सहायता बेहतर ढंग से कर रहे हैं। प्रमुख मुख्य सुरक्षा आयुक्त अतुल श्रीवास्तव ने पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के जरिये आरपीएफ के क्रियाकलापों पर विस्तार से प्रकाश डाला। संचालन मुख्य सुरक्षा आयुक्त एसके सैनी ने किया। 

Posted By: Satish Shukla

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