गोरखपुर, जेएनएन। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में 20 दिसंबर को हुए बवाल में कोतवाली पुलिस ने एक और मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसमें 150 से 200 अज्ञात को अभियुक्त बनाया गया है। इस मामले में कोतवाली और राजघाट थाने में तीन मुकदमे पहले से दर्ज हैं। चौथा मुकदमा दर्ज होने के बाद नामजद 39 अभियुक्तों सहित उपद्रवियों की संख्या बढ़कर 1350 हो गई है। मदीना मस्जिद चौराहे पर बवाल करने वालों के विरुद्ध नखास चौकी इंचार्ज अवधेश चंद्र मिश्र की तहरीर पर अभियोग पंजीकृत किया गया है।

पहले से दर्ज हैं तीन मुकदमे

बता दें कि 20 दिसंबर को जामा मस्जिद में दोपहर की नमाज अदा करने के बाद काली पट्टी बांधे युवकों की भीड़ मदीना मस्जिद चौराहे पर पहुंच गई थी। आरोप है कि रोकने की कोशिश करने पर नागरिक सुरक्षा कोर के दो स्वयंसेवकों पर हमला कर दिया तथा पुलिस वालों से हाथापाई भी की। इस मामले में 20 दिसंबर को ही देर रात कोतवाली इंस्पेक्टर जयदीप वर्मा और नखास चौकी इंचार्ज अवधेश मिश्र की तहरीर पर 33 नामजद और एक हजार अज्ञात के विरुद्ध तोडफ़ोड़, पथराव, हत्या के प्रयास, लोक सेवक पर हमला करने, सरकारी काम में बाधा डालने, लोक व्यवस्था भंग कर दहशत उत्पन्न करने तथा धारा 144 का उल्लंघन करने सहित कई संगीन धाराओं में दो मुकदमे दर्ज हुए थे। दो दिन बाद बसंतपुर चौकी के इंचार्ज ने दो सौ उपद्रवियों के विरुद्ध राजघाट थाने में धारा 144 के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज कराया था। अब नया मुकदमा दर्ज होने के बाद इस मामले में दर्ज हुए मुकदमों की संख्या चार हो गई है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

मदीना मस्जिद पर हुए बवाल के मामले में उपद्रवियों के विरुद्ध रविवार को बलवा (धारा 147), लोक सेवक को काम करने से रोकने की नीयत से हमला करने (धारा 353), गालीगलौच व दुव्र्यवहार (धारा 504), धमकी देना (धारा 506) तथा धारा 144 का उल्लंघन (धारा 188) के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है।

चौराहों से हटाई गई पुलिस, जारी रहेगी गश्त

बवाल के बाद उपद्रव प्रभावित इलाकों में तैनात पुलिस बल को हटा लिया गया है। हालांकि एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में पुलिस की गश्त जारी रहेगी। स्थानीय अभिसूचना इकाई के लोग भी इलाके में सक्रिय रहकर हालात पर नजर रखेंगे। इस बीच बवाल के बाद दर्ज मुकदमे में अभियुक्त बनाए गए उपद्रवियों की धर-पकड़ की कोशिश भी जारी रहेगी।

20 दिसंबर को जामा मस्जिद में दोपहर की नमाज के बाद सीएए के विरोध में कोतवाली और राजघाट इलाके में उपद्रव हुआ था। मदीना मस्जिद चौराहा और नखास चौराहे पर उग्र युवकों ने पुलिस के साथ हाथापाई करने के साथ ही पुलिस पर पथराव भी किया था। स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करने के साथ ही आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े थे।

बवाल के बाद कोतवाली और राजघाट के प्रमुख चौराहों और स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। इसके लिए ग्रामीण इलाकों के साथ ही बाहर से भी पुलिस बुलाई गई थी। 27 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद दोबारा उपद्रव होने की आशंका में इस इलाके में छह कंपनी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। पैरामिलिट्री फोर्स भी बुला ली गई थी, लेकिन इस दिन शांति कायम रही। तेजी से स्थिति सामान्य होती देख प्रशासन ने शनिवार को उपद्रव प्रभावित इलाकों में तैनात पुलिस वालों की संख्या कम कर दी थी। रविवार को इसे पूरी तरह से हटा लिया गया। सामान्य दिनों में तैनात रहने वाले पुलिस वाले ही इस इलाके में मौजूद रहे। पुलिस के हटाए जाने से बाजार में चहल-पहल कुछ अधिक ही थी।

Posted By: Pradeep Srivastava

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