गोरखपुर, जेएनएन। नखास और घंटाघर क्षेत्र में शुक्रवार को अराजक तत्वों द्वारा सार्वजनिक संपत्तियों को पहुंचाए गए नुकसान की भरपाई उपद्रवियों की संपत्ति से की जाएगी। इसकी प्रक्रिया जिला प्रशासन ने शनिवार को शुरू कर दी। सार्वजनिक संपत्तियों के नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। डीएम ने पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी है।

जिला प्रशासन द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट में घटना के कारणों की विस्तार से जानकारी दी गई है। गोरखपुर में जुलूस निकालने से मना करने पर कुछ शरारती तत्वों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी थी। इसके कारण हल्का बल भी प्रयोग करना पड़ा। कुछ ही देर बाद स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया। शासन को बताया गया है कि यहां स्थिति सामान्य है। अगले 24 घंटे के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

जिलाधिकारी के.विजयेंद्र पाण्डियन ने बताया कि शासन को पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट भेज दी गई है। वीडियो से पत्थरबाजों की फोटो निकाल ली गई है। इनमें से सभी के हाथ में पत्थर दिख रहे हैं। ऐसे पत्थरबाजों की फोटो सभी गली-मोहल्लों में लगाई गई है। किसी भी उपद्रवी को छोड़ा नहीं जाएगा।

आपराधिक पृष्ठभूमि वालों की कराई जा रही पहचान, होगी रासुका की कार्रवाई

डीएम ने बताया कि जो फोटो पुलिस की तरफ से जारी की गई है उनमें से ऐसे लोगों की तलाश की जा रही है जिनका पूर्व में कोई आपराधिक इतिहास रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई होगी। कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।

अब तक 36 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है। इनकी संपत्ति से नुकसान की भरपाई की जाएगी। पूरी घटना की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। शनिवार को भी घटनास्थल का जायजा लिया गया है। पत्थरबाजी करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। हर गली व मोहल्ले में उनके पोस्टर चस्पा कराए गए हैं। जो लोग सूचना दे रहे हैं उन्हें सम्मानित किया जाएगा। जिसका जितना अपराध होगा उसी के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। - के. विजयेंद्र पाण्डियन, जिलाधिकारी 

Posted By: Pradeep Srivastava

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