विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

माफिया अजीत शाही के अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर, आखिर खतौनी में कैसे चढ़ा पत्नी और रिश्तेदारों का नाम

By Jagran NewsEdited By: Nitesh Srivastava
Published: Tue, 13 Jun 2023 11:23 AM (IST)

माफिया अजीत शाही बेतियाहाता की आवास-विकास कालोनी में परिवार के साथ रहता है। 12 मई को शाहपुर थाने में बैंककर्मियों ...और पढ़ें

माफिया अजीत शाही के अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर
माफिया अजीत शाही के अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर

जागरण संवाददाता, गोरखपुर : माफिया अजीत शाही के अवैध कब्जे पर सोमवार की सुबह नगर निगम का बुलडोजर चला। बेतियाहाता दक्षिणी में लखनऊ हाईवे पर माफिया ने नगर निगम की 30 डिस्मिल (1213 वर्ग मीटर) भूमि पर कब्जा करके मैरेज हाल बना लिया था।

पुलिस के शिकंजा कसने पर राजस्व विभाग की टीम ने संपत्ति की जांच शुरू की तो अवैध कब्जे की जानकारी मिली।

मूल रूप से देवरिया जिले के भाटपाररानी, पकड़ी बाबू गांव का रहने वाला माफिया अजीत शाही बेतियाहाता की आवास-विकास कालोनी में परिवार के साथ रहता है।

12 मई को शाहपुर थाने में बैंककर्मियों को धमकाने व जबरिया वसूली करने के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने माफिया अजीत शाही पर शिकंजा कसा तो उसके काले कारनामे सामने आने लगे। पुलिस के दबाव में उसने पुराने मुकदमे में आत्मसमर्पण कर दिया और इस समय जेल में है।

राजस्व विभाग की टीम ने माफिया की संपत्ति की जांच शुरू की तो पता चला कि बेतियाहाता दक्षिणी में नगर निगम की 14 करोड़ रुपये कीमत की 30 डिस्मिल भूमि पर कब्जा करके उसने मैरेज हाल बना लिया था।

अवैध कब्जे की जानकारी नगर निगम के अधिकारियों को दी गई तो पैमाइश कराने के साथ ही अवैध कब्जा धवस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

सोमवार की सुबह नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा कैंट थाना पुलिस व पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे और माफिया के अवैध कब्जे को खाली कराने के साथ ही बुलडोजर से मैरेज हाल के चार कमरे व चहारदीवारी को ध्वस्त कराया।

खतौनी में कैसे चढ़ा पत्नी व स्वजन का नाम

माफिया अजीत शाही ने कूटरचित दस्तावेज के जरिये नगर निगम की भूमि पर पत्नी व स्वजन का नाम दर्ज करा लिया था। जांच में मामला सामने आने पर नगर निगम के अधिकारियों ने जिलाधिकारी को इसकी जानकारी दी तो उन्होंने कब्जा खाली कराने के साथ ही मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया।

सोमवार को माफिया का कब्जा खाली होने के बाद देर शाम नगर निगम के आरआइ ने अजीत शाही के विरुद्ध कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि माफिया ने करोड़ों की भूमि कैसे कब्जा कर ली।

नगर निगम के अधिकारी अब तक खामोश क्यों रहे। नगर निगम के आरआइ अनिल सिंह ने कैंट थाना पुलिस को दी तहरीर में लिखा है कि नगर निगम के गाटा संख्या 77 पर माफिया अजीत शाही ने विधि विरुद्ध तरीके से पत्नी व स्वजन का नाम अंकित करा लिया।

दर्ज रकबे से अधिक भूमि पर अवैध कब्जा करके निर्माण करा लिया, जबकि नगर निगम की संपत्ति विक्रय किए जाने की व्यवस्था नहीं है।

राजस्व विभाग व नगर निगम की संयुक्त टीम की जांच में यह मामला सामने आया, जिसकी जानकारी जिलाधिकारी को दी गई। पांच जून, 2023 को जिलाधिकारी ने निर्माण ध्वस्त किए जाने का आदेश दिया, जिसके अनुपालन में सोमवार को कार्रवाई हुई।

एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। माफिया के साथ ही जालसाजी में सहयोग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

जमीनों की होगी जांच

माफिया अजीत शाही के कब्जे वाली जमीन को खाली कराने के बाद नगर निगम के अधिकारी अब आसपास के सभी मकान मालिकों को नोटिस भेजकर उनकी जमीन के कागजात मांगेंगे। इसके बाद राजस्व विभाग के सहयोग से उनकी जांच की जाएगी। सही मिलने पर कागजात वापस कर दिया जाएगा।

कब्जा होगा तो निगम की टीम उस जगह को खाली कराएगी। सोमवार को फलमंडी के पास दक्षिणी बेतियाहाता में माफिया द्वारा कब्जा की गई जमीन को खाली कराते समय कुछ लोगों ने यह शिकायत की कि और भी लोगों ने नगर निगम की जमीन पर कब्जा किया है।

पूछताछ के दौरान कुछ लोग कागजात लेकर मौके पर पहुंचे भी तो अधिकारियों ने कार्यालय आने की बात कहते हुए वापस कर दिया।

इसके बाद अपर नगर आयुक्त ने कहा कि टीपी नगर पुलिस चौकी के सामने खाली कराई गई नगर निगम की जमीन से लेकर दक्षिणी बेतियाहाता में माफिया द्वारा कब्जा की गई निगम की जमीन तक जिन लोगों ने आवास या दुकान बनवाया है सभी को नोटिस भेजकर जमीन के कागजात प्रस्तुत करने को कहा जाएगा।