गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गोरखपुर जिले में करीब छह हजार 363 लोग पिछले कई महीने से आवास का इंतजार कर रहे हैं। इन लोगों के आवास के लिए बजट जारी करने को डूडा द्वारा मार्च 2022 में ही प्रस्ताव भेजा गया है लेकिन अभी तक बजट नहीं मिला। इसी तरह करीब 3300 ऐसे लोग हैं, जिन्हें अंतिम किस्त का इंतजार है।

3300 लाभार्थियों को नहीं मिली है अंतिम किस्त

जिनके पास अपना आवास नहीं है, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं शहरी के तहत आवास उपलब्ध कराया जाता है। शहर क्षेत्र में 2.50 लाख रुपये जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 1.20 लाख रुपये आवास के लिए मिलते हैं। इस योजना से अब तक बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित हो चुके हैं लेकिन वर्तमान वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार की ओर से बजट जारी होने में देरी हो रही है। जिले में करीब चार साल पहले करीब 35 हजार लाभार्थियों का चयन प्रधानमंत्री आवास के लिए किया गया था। इनमें से 91 प्रतिशत लोगों को आवास के लिए सभी तीन किस्तें मिल चुकी हैं। करीब 3300 लोगों को अंतिम किस्त नहीं मिली है।

जीडीए की योजना में 1500 लोगों को मिला आवास

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत जीडीए ने मानबेला में 1500 आवासों का निर्माण किया था। अधिकतर आवासों का आवंटन किया जा चुका है और लोगों ने वहां रहना भी शुरू कर दिया है। जीडीए की ओर से खोराबार आवासीय योजना में भी इस तरह के एक हजार आवास बनाने की घोषणा की गई है लेकिन यह योजना भी करीब दो महीने बाद ही धरातल पर आएगी। डूडा के परियोजना अधिकारी विकास सिंह ने बताया कि मार्च महीने में छह हजार से अधिक लोगों की सूची शासन को भेजी गई है। इस योजना में 40 प्रतिशत अंशदान प्रदेश सरकार से जबकि 60 प्रतिशत केंद्र सरकार से मिलती है। उम्मीद है कि जल्द ही बजट मिल जाएगा।

Edited By: Pradeep Srivastava