सारनाथ की तर्ज पर रात को भी खुले बुद्ध मंदिर

कुशीनगर: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण(भापुस) सारनाथ मंडल के अंतर्गत धमेख स्तूप और मानमहल पर्यटकों के दर्शनार्थ रात के नौ बजे तक खुला रहता है। अंतरराष्ट्रीय पर्यटक केंद्र कुशीनगर के बौद्ध भिक्षुओं ने पर्यटकों व श्रद्धालुलों की सुविधा के लिए विश्व प्रसिद्ध महापरिनिर्वाण बुद्ध मंदिर को भी सारनाथ की तर्ज पर रात को नौ बजे तक खोलने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे पर्यटकों काफी सुविधा हो जाएगी। पहले बुद्ध मंदिर रात को आठ बजे तक खुला रहता था। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के नियमानुसार देश भर के अन्य स्मारकों की तरह महापरिनिर्वाण बुद्ध मंदिर भी सूर्योदय से सूर्यास्त तक खुला रहता है। इससे पर्यटकों को असुविधा होती है। भारत सरकार ने वाराणसी के मानमहल व धमेख स्तूप सहित देश के 10 अन्य स्मारकों को रात नौ बजे तक खोलने का आदेश जारी किया है। इसी आधार पर बौद्ध भिक्षुओं ने महापरिनिर्वाण बुद्ध मंदिर को भी रात नौ बजे तक खोले जाने की मांग की है। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के पूर्व अध्यक्ष भिक्षु डा. नंदरतन, भिक्षु महेंद्र, भंते अशोक आदि ने भारत सरकार से पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महापरिनिर्वाण बुद्ध मंदिर को भी रात नौ बजे तक खोलने की मांग की है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण,उप अंचल कुशीनगर के सर्वेक्षण सहायक शादाब खान ने कहा कि भापुस के महानिदेशक यदि आदेश जारी करते हैं तो उनके आदेश का पालन किया जाएगा।

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