गोरखपुर, जेएनएन। कैंट थानाक्षेत्र के इंजिनयरिंग कालेज चौकी के कूड़ाघाट विशुनपुरवा गांव निवासी दीपक निषाद (27) पुत्र भुआल की संदिग्ध परिस्थिति में जलने से रविवार की भोर में 4 बजे मौत हो गई। वह बीते 16 अप्रैल की रात 8 बजे महादेव झारखण्डी मन्दिर के पास रहने वाली प्रेमिका के घर के पास जलते हुए मिला था। उसका इलाज मेडिकल कालेज में चल रहा था। पिता भुआल व अन्य परिजनों ने प्रेमिका व उसके घरवालों पर जलाकर मारने का आरोप लगाया है। फिलहाल अभी इस सम्बंध में पुलिस को तहरीर नही दी गयी है। मौत की खबर पार्षद पति राघवेंद्र प्रताप सिंह ने स्थानीय चौकी पुलिस को दी है।

घर के बाहर लोगों ने जलते देखा था

विशुनपुरवा गांव निवासी भुआल निषाद ठेला चलाते है। वह अपनी पत्नी व पांच बेटों के साथ रहते हैं। परिजनों के अनुसार भुआल का छोटा बेटा दीपक निषाद पेंट पालिश का काम करता था और अविवाहित था। परिजनों ने बताया कि दीपक का प्रेम संबंध महादेव झारखण्डी के पास रहने वाली एक शादीशुदा महिला से था। 16 अप्रैल की रात आठ बजे लोगो ने उसे उक्त महिला के घर के बाहर जलते हुए देखा और 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने अस्‍पताल पहुंचाया

पुलिस ने मौके पर पहुचकर युवक को जिला अस्पताल भिजवाया, साथ ही उसके बयान का वीडियो भी बनाया। जिसमे वह किसी महिला का नाम ले रहा है आग लगाने का आरोप लगाकर। जिला अस्पताल से उसे मेडिकल कालेज भेज दिया गया था। रविवार की भोर में मेडिकल कालेज में दीपक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दीपक के पिता भुआल व अन्य परिजनों ने प्रेमिका, उसके माता पिता पर जलाकर मारने का आरोप लगाया है। वही प्रेमिका के पिता का कहना है कि वह घर के सामने आंकर गाली दे रहा था। कुछ देर बाद उसने खुद को आग लगा लिया था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जेल में है प्रेमिका का पति

मोहल्ले वालों के अनुसार दीपक जिस महिला से प्रेम करता था वह शादीशुदा है। उसके पांच वर्षीय बेटे का शव एक साल पहले रामगढ़ताल के पास पानी में मिला था। जिसकी हत्या के आरोप में उसका पति जेल में है।

16 अप्रैल की रात में युवक लड़की के घर के सामने जला था। उसे मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था। युवक शराब का ज्यादा सेवन करता था। पहले भी खुद को जलाने की कोशिश कर चुका था। प्रथम दृष्टया जांच में खुद को आग लगाने की बात आ रही है। आरोप की जांच कराई जा रही है।  तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाई की जाएगी। - अनिल उपाध्याय, प्रभारी निरीक्षक, कैंट।

Edited By: Pradeep Srivastava