गोरखपुर, जेएनएन। लॉकडाउन के चलते करीब दो महीने से थमी भाजपा की राजनीतिक गतिविधियां बदले स्वरूप में बढऩे लगी हैं। आगामी शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए पार्टी ने मौजूदा परिस्थितियों के मुताबिक कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें फिजिकल डिस्टेंसिंग (शारीरिक दूरी) सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। नए प्रारूप में पार्टी के आइटी योद्धाओं की भूमिका जहां सर्वाधिक महत्वपूर्ण हो गई है वहीं कार्यकर्ताओं को भी इस माध्यम में अपनी भूमिका बढ़ाने को कहा गया है।

चार सप्‍ताह की जारी हुई कार्ययोजना

प्रदेश नेतृत्व की तरफ से जारी चार सप्ताह की कार्ययोजना के मुताबिक प्रचार-प्रसार का पूरा कार्य ऑनलाइन संचालित होगा, जिसका आधार सोशल मीडिया होगा। पहले सप्ताह में तीन स्तर पर वाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। पहला ग्रुप चुनाव क्षेत्र स्तर पर बनेगा, जिसमें चुनाव प्रभारी, संयोजक, प्रत्याशी, जिलाध्यक्ष और विधानसभा क्षेत्र संयोजक शामिल होंगे।

जिला स्‍तर पर बनेगा दूसरा ग्रुप

जिला स्तर पर बनने वाले दूसरे ग्रुप में जिलाध्यक्ष, जिला संयोजक, विधानसभा क्षेत्र संयोजक, मंडल प्रभारी, पोलिंग सेंटर प्रमुख को जोड़ा जाएगा। तीसरा वाट्सगु्रप विधानसभा क्षेत्र स्तर पर बनेगा, जिसमें विधानसभा संयोजक, मंडल प्रभारी और सेक्टर संयोजक शामिल होंगे।

दूसरा सप्‍ताह संपर्क अभियान के नाम

दूसरा सप्ताह संपर्क अभियान के नाम होगा, जिसमें ग्रुप के माध्यम से संवाद स्थापित किया जाएगा। अगल-अलग ग्रुप के लिए संवाद का अलग-अलग दिन निर्धारित किया गया है। तीसरे सप्ताह में शारीरिक दूरी का पालन करते हुए संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए वाट्सएप, एसएमएस और ऑडियो ब्रिज कॉल का इस्तेमाल किया जाएगा।

ग्रीन जोन में मतदाताओं से कर सकते हैं संपर्क

ग्रीन जोन में मतदाताओं से मिलकर संपर्क करने को भी कहा गया है। अंतिम सप्ताह मेंं कार्यकर्ता मतदाताओं तक वाट्सएप के माध्यम से वोटर पर्ची पहुंचाने का काम करेंगे। ग्रीन जोन में दो से तीन कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव कार्यालय बनाने का सुझाव भी प्रदेश नेतृत्व की ओर से मिला है।

क्षेत्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर जारी कार्ययोजना पर अमल कराने की तैयारी शुरू हो गई है। यह सुनिश्चित कराया जाएगा कि कार्यकर्ता शारीरिक दूरी का विशेष ध्यान रखें।

हर ग्रुप में होगा एक आइटी कार्यकर्ता

चुनाव क्षेत्र, जिला और विधानसभा क्षेत्र स्तर पर बनने वाले हर वाट्सएप ग्रुप में एक आइटी कार्यकर्ता शामिल होगा, जिसकी जिम्मेदारी वाट्सएप संवाद को सकुशल संपन्न कराने की होगी। वह कार्यकर्ता ग्रुप में शामिल पदाधिकारियों को ऑनलाइन संवाद में सहायता भी करेगा। उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष करना भी आइटी कार्यकर्ता की ही जिम्मेदारी होगी। 

Posted By: Satish Shukla

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