गोरखपुर, जेएनएन। फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के सहारे जमीन की रजिस्ट्री कराकर उसे बेचने के मामले में बांसगांव के भाजपा सांसद कमलेश पासवान समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश हुआ है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट यासमीन अकबर ने कैंट पुलिस को निर्देश दिए हैं कि मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने और एफआइआर की प्रति अविलंब कोर्ट के समक्ष उपलब्ध कराएं।
गोलघर के चक जलाल, प्रताप मार्केट निवासी नरेंद्र प्रताप सिंह की तरफ से उनके अधिवक्ता कृष्णानंद तिवारी ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। उनका कहना था कि वादी नरेंद्र प्रताप सिंह गोलघर स्थित आराजी नंबर 27 व 37 का स्वामी है। इस जमीन पर पिछले कई वर्षो से कुछ लोगों ने कब्जा करके बलदेव प्लाजा का निर्माण कर लिया है। शासन-प्रशासन की मिली भगत से सुधा प्रसाद, कौस्तुभ प्रसाद व कंदर्प प्रसाद ने कूटरचित दस्तावेज के सहारे स्वयं को जमीन का स्वामी प्रमाणित करने का प्रयास भी किया। जमीन का स्वामी न होते हुए भी अपने को मालिक दिखाते हुए इन लोगों ने उसे बेचने की कोशिश की।
इसी दौरान जेमिनी रेजिडेंस निवासी सतीश नांगलिया तथा दूसरे पार्टनर कमलेश पासवान (भारतीय जनता पाटी के बांसगांव के सांसद) निवासी मेडिकल कालेज गेट, गोरखपुर ने जानबूझकर फर्जी व कूट रचित दस्तावेज तैयार करा जमीन को अपने नाम से बैनामा करा लिया। इन लोगों ने स्वामी न होते हुए भी बलदेव प्लाजा की दुकानों को दूसरे के नाम बेच भी दिया। कोर्ट ने उनके प्रार्थना पत्र पर गंभीरता पूर्वक विचार किया। कोर्ट ने मामला संज्ञेय प्रकृति का पाते हुए सभी पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।

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