जागरण संवाददाता, बस्ती: राज्य योजना के तहत मूड़घाट-दुबौला मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य के दौरान सड़कों के किनारे लगे बिजली पोलों को बिना हटाए ही निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जहां आबादी है वहां सीसी रोड बनाई जा रही है। पोल को हटाए बिना सड़क के चौड़ीकरण को लेकर तमाम सवाल खड़े हो गए हैं। बीच सड़क में खड़े बिजली के पोल हादसे की वजह बनेंगे।

कुल 12 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 20 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि सरकार ने राज्य योजना के तहत स्वीकृत की है। सात करोड़ रुपये इसके लिए अवमुक्त भी कर दिए गए हैं। चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। जिन स्थानों पर आबादी बसी है वहां सीसी रोड बनवाया जा रहा है। चौड़ीकरण के कारण सड़क किनारे लगे तमाम विद्युत पोल अब सड़क के अंदर ही आ गए हैं। नियमत: इन्हें सड़क से हटाकर निर्माण कार्य कराना चाहिए, मगर मूड़घाट- दुबौला मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य के दौरान इसे नजरंदाज किया जा रहा है।

संयुक्त मंत्री सिविल बार एसोसिएशन व चौरवा गनेशपुर के रहने वाले अधिवक्ता दिलशाद हसन खान ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर कहा है कि सड़क चौड़ीकरण के कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है। गनेशपुर के धमुआ और मोहम्मदपुर गांव में सीसी रोड से विद्युत पोल किनारे करवाने के बजाए उसे रोड में ही जोड़ दिया गया है। ऐसे में हादसों का कारण बन सकते हैं। उन्होंने सड़क की जद में आ रहे सभी विद्युत पोलों को किनारे कराने के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित करने का अनुरोध किया है।

मुख्य विकास अधिकारी डा. राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि मूड़घाट- दुबौला मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य के दौरान जो भी विद्युत पोल सड़क के दायरे में आ रहे हैं, उनको हटवाने का निर्देश दिया गया है। धमुआ व मोहम्मदपुर में पोल न हटाने पर इसकी जांच करवाने के बाद जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

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