जागरण संवाददाता,रुधौली,बस्ती : कोरोना संक्रमण के बीच सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। लगातार बढ़ते दामों ने किचन का बजट बिगाड़ दिया है। सब्जियों के दामों में वृद्धि की प्रमुख वजह मानसून से पहले हुई भारी बारिश है। खेतों में पानी भरने से सब्जी की फसल बर्बाद हो गई है।

15 दिन में सब्जियों की कीमत दो गुनी हो गई है। लौकी, बैगन, भिडी व टमाटर के दामों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। लोग सब्जियों की खरीदारी तो कर रहे हैं मगर विकल्प में दाल, मटर, सोयाबीन का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। पखवारे भर पहले टमाटर 15 रुपये किलो बिक रहा था जो अब बढ़कर 40 रुपये तक पहुंच गया है। शिमला मिर्च, पालक, लौकी, गोभी की कीमतें तीन गुनी बढ़ गई है। नेनुआ, भिडी, करैला, बैगन के दामों ने भी तेज रफ्तार पकड़ ली है। सब्जी के थोक विक्रेता महमूद अली ने बताया कि बारिश के कारण स्थानीय स्तर से सब्जियों की आवक कम हो गई है, जिससे दाम बढ़ गए हैं। दुकानदार संतराम, अयोध्या, लम्बू, रामचंद्र, बेलास राकेश ने बताया कि डीजल के दाम में लगातार हो रही वृद्धि से परिवहन का खर्च बढ़ गया है। इसके अलावा पिछले दिनों लगातार हुई बारिश के चलते ज्यादातर हरी व अन्य सब्जियां खेतों में नष्ट हो गई हैं।

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बाजार में सब्जी की कीमतें: एक नजर में

गोभी- 80 प्रतिकिलो

तरोई- 40 रुपये प्रतिकिलो

अरवी- 50 रुपये प्रतिकिलो

भिंडी - 50 रुपये प्रतिकिलो

परवल- 80 रुपये प्रतिकिलो

बोड़ा- 50 रुपये प्रतिकिलो

करैला- 60 रुपये प्रतिकिलो

टमाटर- 40 रुपये प्रतिकिलो

मिर्चा- 40 रुपये प्रतिकिलो

प्याज- 30 रुपये प्रतिकिलो

बैगन- 40 रुपये प्रतिकिलो

कद्दू- 30 रुपये प्रतिकिलो

लौकी - 40 रुपये प्रतिकिलो

Edited By: Jagran