गोरखपुर (जेएनएन)। बाबर के वंशज होने का दावा करने वाले प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन तुसी ने अयोध्या में राम मंदिर का समर्थन किया। कहा कि सिर्फ सियासत के लिए मामला उलझाया जा रहा है। वहां राम मंदिर बनना चाहिए और मंदिर की नींव का पत्थर मैं ही रखूंगा और सोने की ईट भी दूंगा। राम मंदिर के मुद्दे पर दंगे-फसाद हो चुके हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान गई है। मंदिर-मस्जिद के नाम पर विवाद थमना चाहिए। देश के अधिकांश मुसलमान भी मंदिर बनाने के समर्थन में है।

प्रिंस याकूब शुक्रवार को प्रेसक्लब में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हैदराबाद हाईकोर्ट ने मुझे और मेरे परिवार को वर्ष 2002 में बहादुर शाह का वंशज मान लिया था। मुगल वंशज होने के नाते कहता हूं कि वहा राम मंदिर बनना चाहिए। पि्रंस ने बाबर की एक वसीयत का हवाला देते हुए कहा कि बाबर ने राजा हुमायूं से कहा था कि अयोध्या में सेनापति मीर बांकी ने मंदिर तोड़कर गलत किया है। इससे मुगल वंश पर हमेशा के लिए दाग लग गया है। वसीयत में लिखा हुआ है कि अगर हिन्दुस्तान में हुकूमत करना है तो साधु-संत और मंदिर का एहतराम करो, हिफाजत करो। कहा कि उच्चतम न्यायालय में मंदिर-मस्जिद को लेकर नहीं बल्कि विवादित भूमि के मालिकाना हक को लेकर मामला चल रहा है। राजनीतिक दलों को इस मुद्दे से दूर रखकर मंदिर बनाने के लिए राष्ट्रपति से याचिका करने जा रहा हूं। उन्होंने बताया कि मुल्क में अमनो-अमान के लिए शनिवार को सैकड़ों लोगों के साथ दिल्ली से श्रीराम का खड़ाऊ लेकर अयोध्या तक जाऊंगा। कार्यक्रम में डॉ. धनेश मणि त्रिपाठी, आनंद शुक्ल, सुनील मिश्रा, घनश्याम कसौधन आदि मौजूद रहे।

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