गोरखपुर, जेएनएन। स्थानीय कोतवाली में गणतंत्र दिवस पर कोतवाल बनी अंशिका ने एक कांस्टेबल को तीन दिन की छुट्टी दी और पत्रावलियों को देखा। उनके समक्ष पुलिसकर्मियों ने समस्याएं रखी, जिस पर उन्होंने अपने अंदाज में समाधान सुझाए।

कक्षा सात की छात्रा है अंशिका

दरअसल, गणतंत्र दिवस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया था कि बच्‍चों को कुछ देर के लिए थाना प्रभारी का पद दिया जाए, जिससे उनके अंदर व्याप्त पुलिस का भय समाप्त हो और वे नए तरह का अनुभव प्राप्त करें। इसी क्रम में पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोला प्रथम में कक्षा सात की छात्रा अंशिका कुमारी ने अपनी शिक्षिका तनुजा पाठक के साथ कोतवाली पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक का पदभार संभाला और मुंशी को बुलाकर डाक लिया। इसी दौरान कांस्टेबल जयप्रकाश सिंह और एक महिला कांस्टेबल को तीन दिन का आकस्मिक अवकाश भी दिया। अंत में जवानों ने उनकी आवभगत में मिठाई भी खिलाया।

यूं साझा किए अनुभव

उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि मुझे बहुत अच्‍छा लगा और थाने के सभी लोगों का व्यवहार घर के लोगों जैसा था। कोतवाल संतोष कुमार यादव ने कहा कि छात्रा के मनोबल को देखकर काफी खुशी हुई। एसआइ कादिर खान, संतोष सिंह, अशोक सिंह, राजेश यादव, गोपाल यादव, रंजीत तिवारी, कृष्णकांत यादव, विनय चौहान, अमला यादव, राहुल यादव, बच्‍चा यादव, संजय यादव, नीमा यादव, सरिता चौहान, निधि सिंह, सरिता राजभर, मनीष कुशवाहा आदि मौजूद थे।

पुलिसकर्मियों को बताया फरियादियों से कैसा करें व्यवहार

उधर, गणतंत्र दिवस के दिन जिले के सभी थाने की कमान एक घंटे के लिए छात्र-छात्राओं के हाथ में रही। एसएसपी के निर्देश पर सभी को थानेदार बनाया गया। जिन छात्र-छात्राओं को मौका मिला उन्होंने उन्होंने बखूबी अपने कौशल का परिचय दिया। लोगों की शिकायतें सुनी। पुलिसकर्मियों को दिशा-निर्देश दिए।

गुलरिहा पुलिस ने दसवीं के छात्र अवनीश नाहरपुर स्थित ज्‍योति इंटर कॉलेज के दसवीं के छात्र अवनीश को एक घंटे के लिए थानेदारी दी। इस दौरान उनके साथ स्कूल के अन्य ब'चे भी मौजूद रहे। छात्र ने पहले सड़क पर लगने वाले अतिक्रमण की समस्या को उठाया और उससे निजात के लिए उपाय भी बताया। वहीं शिकायत लेकर थाने आने वाले फरियादियों से पुलिस का व्यवहार कैसा हो इसके बारे में भी पुलिसकर्मियों को जानकारी दी। शहर व देहात क अन्य थानों में भी छात्रों को एक घंटे का थानेदार बनाने के साथ ही बैरक, मेस, बंदीग़ृह, कंप्यूटर कक्ष, रसोई घर, मालखाना, कार्यालय में होने वाले कामकाज की जानकारी दी गई।

छात्रों को थाने की कार्यप्रणाली के बारे में जागरूक करने और पुलिस-पब्लिक के बीच के रिश्ते को ठीक करने के मकसद से प्रतीकात्मक थाना प्रभारी बनाया गया था। छात्रों ने समस्या सुनने के साथ ही व्यवस्था ठीक रखने के लिए सुझाव भी दिया। - डॉ. सुनील गुप्ता, एसएसपी

Posted By: Pradeep Srivastava

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