गोरखपुर, जेएनएन। गोरखपुर के चिलुआताल में बरगदवां पुलिस चौकी के पास पशुओं से भरी मालवाहक बोलेरो गाड़ी रोकने पर पशु तस्करों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर फरार हो गए। घटना में एक सिपाही व एक दारोगा घायल हो गए हैं। सिपाही के सिर में गंभीर चोट आई है। बरगदवां पुलिस चौकी के पास एक दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की मदद से पुलिस, तस्करों और उनकी गाड़ी की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

बरगदवां चौकी पर तैनात दारोगा चंदन खरवार व सिपाही महेंद्र कुमार रात में दो बजे के आसपास मोहरीपुर, महेसरा की तरफ से गश्त करते हुए बरगदवां पुलिस चौकी पर लौटे थे। वे अभी बाइक खड़ी कर रहे थे कि नकहा क्रॉसिंग की तरफ से मालवाहक बोलेरो आती हुई दिखाई दी। संदेह होने पर दारोगा और सिपाही ने चालक को रुकने का इशारा किया। इसी दौरान बोलेरो पर सवार पशु तस्करों ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया।

बोलेरो के अंदर से अचानक हुई पत्थरबाजी में दारोगा और सिपाही घायल हो गए। दारोगा ने तो हेलमेट पहना था, इसलिए उनके सिर पर चोट नहीं आई, लेकिन शरीर पर चोटें आईं। सिर पर चोट लगने की वजह से महेंद्र कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने का सलाह दी है।

बरगदवां पुलिस चौकी के पास एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में पुलिसकर्मियों की ओर से पशु तस्करों की गाड़ी रोकने की कोशिश करने और उनके पुलिस टीम पर पथराव करने की घटना रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज की मदद से पुलिस उनकी पहचान करने की कोशिश में जुटी है। पुलिस टीम पर हुए हमले का फिलहाल मुकदमा नहीं दर्ज हुआ है।

दो युवकों ने खुद को पुलिस वाला बताकर लूट ली सोने की चेन

उधर, एक अन्‍य घटना में गीता प्रेस के उत्पाद प्रबंधक लालमणि तिवारी की पत्नी गीता तिवारी से कैंट क्षेत्र में दो बदमाशों ने खुद को पुलिस वाला बताकर सोने की चेन और एक जोड़ा कंगन लूट लिया है। बदले में कागज में लिपटी सोने की नकली चूड़ी उन्हें देकर फरार हो गए। घर पहुंचने के बाद 100 नंबर पर फोन कर उन्होंने घटना की सूचना दी। उनके घर जाकर तहरीर लेने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।

गीता प्रेस हैंडलूम मार्केट स्थित आवास में रहने वाले लालमणि तिवारी का कैंट क्षेत्र के इंदिरानगर में निजी आवास है। उनकी पत्नी गीता तिवारी सुबह रिक्शे से इंदिरानगर स्थित आवास पर जा रही थीं। सुबह 10 बजे के आसपास वह गोरखपुर विश्वविद्यालय कुलपति आवास के पास पहुंची ही थीं कि सड़क के किनारे पहले से खड़े दो युवकों ने रिक्शा चालक को रुकने के लिए कहा। रिक्शा चालक उनकी बात अनसुनी कर आगे बढऩे लगा तो दोनों युवक रौब दिखाते हुए उसे रोक लिया। इसके बाद उन्होंने खुद को पुलिस वाला बताते हुए गीता तिवारी से कहा कि सोने के गहने पहन कर क्यों निकली हैं? एक दिन पहले महिला से लूट हो गई थी, इसलिए महिलाओं के गहने पहनकर निकलने पर रोक लगा दी गई है। यही चेक करने के लिए सादे कपड़ों में उनकी ड्यूटी लगी है।

गीता तिवारी ने गहने उतारने से मना कर दिया। इसी बीच बाइक सवार एक युवक आया। उसने सोने की चेन और दो अंगुठी पहन रखी थी। युवकों ने उसे रोक कर गहने पहन कर निकलने पर रोक लगने की बात कहते हुए उसकी चेन और अंगूठी निकलवा लिया और उससे गहने लेकर कागज में लपेटने के बाद उसे लौटा दिया। युवक को ऐसा करता देख गीता तिवारी ने भी अपने गहने निकाल तो लिए, लेकिन वह उन्हें अपने बैग में रखने लगीं। युवकों ने उनके हाथ से गहने ले लिए। कुछ देर बाद कागज में नकली कंगन लपेट कर उन्हें दे दिया और फरार हो गए।

पहले भी लूट की वारदातें अंजाम दे चुके है वर्दी वाले बदमाश

24 अक्टूबर 2017 को एसओजी का सिपाही बताकर कोतवाली क्षेत्र में कोलकाता के व्यापारी से 7.50 लाख रुपये लूटे।

27 अक्टूबर 2017 को असुरन चौराहे के पास बदमाश ने खुद को चौकी प्रभारी बताकर एक स्कूल प्रबंधक की पत्नी के गहने उतरवा लिए।

8 नवंबर 2017 को रेती रोड पर नकली पुलिस वाले कानपुर के ट्रांसपोर्टर तेजनारायण के बैग में रखे 1.56 लाख रुपये निकालकर फरार हो गए।

6 अक्टूबर 2018 को अलहदादपुर की रहने वाली महिला को बेतियाहाता में नकली पुलिस वालों ने रोक कर गहने उतरवा लिए।

6 जनवरी 2019 को साहबगंज में खुद को एसटीएफ का सिपाही बता नकली पुलिस वालों ने किराना व्यापारी के मुनीम  92 हजार रुपये उड़ा दिए।

13 जनवरी 2019 को बिहार चश्मा व्यापारी के कर्मचारी मुन्ना से 25 हजार रुपये और आठ चश्मे लूट लिए थे।

दो मार्च 2019 को माया कॉम्पलेक्स के पास नकली पुलिस वालों ने व्यापारी की पत्नी के गहने लूटे।

18 मार्च 2019 को कुशीनगर के व्यापारी से नखास रोड पर लूट का प्रयास किया।

4 अप्रैल 2019 को गोलघर में महराजगंज के सर्राफ के बैग से पांच हजार रुपये और कपड़े निकाल लिए।

14 जून को बैंक रोड पर स्थित पैथोलॉजी में टेस्ट कराने आई महिला से पुलिस वाला बनकर बदमाशों गहने लूटे।

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Posted By: Pradeep Srivastava