गोरखपुर, जेएनएन। लॉकडाउन में ई-पास बनवाने के लिए लोग तरह-तरह के बहाने बना रहे हैं। यह नजारा महराजगंज में देखा जा सकता है। यहां पर अब तक बड़ी संख्या में लोगों ने ई-पास के लिए आवेदन किया है। इसमें सर्वाधिक लोग बीमार मरीज को लाने तथा बीमारी की हालत में खुद को दूसरे जिले में इलाज के लिए जाने का प्रमाण लगा रहे हैं।

लाकडाउन के कारण दूसरे जिले में जाने पर है मनाही

दरअसल कोरोना के चलते लॉकडाउन चल रहा है। किसी को बिना पास एक जिले से दूसरे जिले में जाने की अनुमति नहीं है। इसके लिए सिर्फ एक ही रास्‍ता है कि यदि कोई बीमार है तो उसके लिए पास बनेगा।

महराजगंज में 7473 लोगों ने किया आवेदन

महराजगंज में दो अप्रैल से आन लाइन ई-पास बनवाने की प्रक्रिया शुरू हुई। अब तक जिले में 7473 लोगों ने ई-पास के लिए आनलाइन आवेदन किया है। इसमें अधिकांश लोगों ने श्वांस, ब्लड प्रेशर, पेट दर्द, शुगर आदि बीमारी का हवाला देकर गोरखपुर इलाज कराने के लिए ई-पास हेतु आवेदन किया है। ताकि वह गोरखपुर जा सकें।

मरीजों को लाने के लिए भी हुआ है आवेदन

इतना ही नहीं, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर सहित अन्य जनपदों में फंसे अपने मरीजों को बुलाने के लिए भी आवेदन किया है। लेकिन अधिकांश लोगों ने आवेदन में साक्ष्य में प्रमाण नहीं उपलब्ध करा सकें। लिहाजा उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया।

सिर्फ 4374 लोगों के आवेदन स्‍वीकृत

जनपद में 4374 लोगों के आवेदन को स्वीकृत किया गया है। जबकि 3099 आवेदन कागजी औपचारिकता पूर्ण नहीं होने के कारण निरस्त कर दिया गया है। हालांकि स्वीकृत होने वाले आवेदन में सवार्धिक मामले बीमारी के हैं। 2069 लोगों ने बीमारी का हवाला देकर ई-पास प्राप्त कियाा है, जबकि 419 दवा के दुकानदारों को ई-पास जारी किया गया है।

आवेदन का परीक्षण किए बिना नहीं जारी होगा पास

अपर जिलाधिकारी कुंज बिहारी अग्रवाल ने कहा कि जो भी आनलाइन आवेदन कर रहा है, उसके आवेदन का परीक्षण कर ई-पास जारी किया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि बिना परीक्षण के कोई भी पास जारी नहीं किया जाएगा। बीमारी का बहाना बनाकर पास बनवाना अपराध है।

Posted By: Satish Shukla

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