गोरखपुर: सुरक्षा के लिहाज से गोरखनाथ मंदिर को शुरू से ही बेहद संवेदनशील माना जाता रहा है। समय-समय पर खुफिया एजेंसियां भी मंदिर की सुरक्षा को लेकर रिपोर्ट देती रहती हैं। गोरक्षपीठ के महंत योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बन जाने के बाद मंदिर की सुरक्षा का मुद्दा और भी संवेदनशील हो गया है। इसको देखते हुए एडीजी सुरक्षा द्वारा जारी दिशा-निर्देश के आधार पर एसएसपी शलभ माथुर ने त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार कराया है। किसी आपात स्थिति में एयरफोर्स के कमांडो, गोरखा सैनिकों और एसएसबी के जवानों की भी सेवा लेने की योजना तैयार की गई है। मंदिर की सुरक्षा में लगे पुलिस व पीएसी के सभी जवान नाइट विजन कैमरे से लैस किए जाएंगे। उनको हर हाल में ड्यूटी प्वाइंट पर बने रहने तथा आपात स्थिति में अपने काम के हिसाब से मोर्चा संभालने की हिदायत दी गई है।

जिले की कमान संभालने के बाद एसएसपी शलभ माथुर सीओ गोरखनाथ प्रवीण सिंह के साथ गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था देखने गए थे। बाद में उन्होंने सीओ और सुरक्षा व्यवस्था में लगे अधिकारियों के साथ मीटिंग कर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार कराया। इसमें एक टीम मंदिर और उससे सटे मुख्यमंत्री निवास की सुरक्षा में तैनात रहेगी। दूसरा घेरा इनर कार्डन मे मंदिर परिसर में रहेगा जबकि तीसरा घेरा मंदिर के सभी प्रवेश व निकास द्वारों पर आउटर कार्डन में तैनात रहेगा। सुरक्षा में लगे पुलिस व पीएसी जवानों को किसी भी दशा में ड्यूटी प्वाइंट न छोड़ने की हिदायत दी गई है।

मंदिर परिसर में अलग से अग्निशमन यूनिट तैनात की जाएगी। सुरक्षाकर्मियों को नाइट विजन कैमरे व अन्य उपकरण दिए जाएंगे। क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ ने बताया कि आतंकी घटना या अन्य किसी आपात स्थिति में एयरफोर्स के कमांडो, गोरखा सैनिकों और एसएसबी जवानों की मदद ली जाएगी।

जवानों को श्रद्धालुओं की भावना को ध्यान रखते हुए अपनी ड्यूटी निभाने का आदेश दिया गया है। कड़ी जांच-पड़ताल के बाद ही श्रद्धालुओं को मंदिर के अंदर जाने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सुरक्षा का फूलप्रूफ प्लान लागू कर दिया गया है।

Posted By: Jagran

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