गोरखपुर, जेएनएन। एम्स बीमारियों का इलाज ही नहीं करेगा, बल्कि उनकी रोकथाम के लिए भी कदम उठाने जा रहा है। इसके लिए नगर निगम से अनुबंध कर शहर को स्वच्‍छ रखने का अभियान चलाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो स्वयं सेवी संस्थाओं की भी मदद ली जाएगी।

एम्स का मूल उद्देश्य लोगों को स्वच्‍छता के प्रति जागरूक करना है ताकि स्वच्‍छता इस शहर की पहचान बन सके। शहर स्वच्‍छ होगा तो बीमारियां कम होंगी। एम्स सिर्फ बेहतर इलाज की ही व्यवस्था नहीं करेगा, बल्कि लोग कम बीमार पड़ें, इस दिशा में भी काम करेगा। एम्स का सर्वाधिक जोर शहर से गंदगी को विदा करने पर है, क्योंकि गंदगी के साथ अधिकांश बीमारियां स्वत: विदा हो जाएंगी और एम्स व अन्य चिकित्सा संस्थानों पर मरीजों का भार कम हो जाएगा।

एम्स परिसर में खुलेगा थाना

राज्य सरकार ने एम्स परिसर में थाना खोलने का प्रस्ताव एम्स को भेजा है। मंजूरी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एम्स भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय से प्रस्ताव को मंजूर कराकर राज्य सरकार को भेजेगा। थाना के लिए जगह भी चिह्नित की जा रही है। थाना खुल जाने से व्यवस्था संभालने व मेडिकोलीगल में सुविधा हो जाएगी।

एम्स का पूरा जोर बीमारियों की रोकथाम व शोध पर रहेगा। बीमारियां न हों, इसके लिए प्रयास किया जाएगा तथा जो बीमारियां हो रही हैं, उनपर शोध कर उनका समुचित निदान खोजा जाएगा। थाना के लिए भी जगह चिह्नित की जा रही है। - अश्वनी माहौर, डिप्टी डायरेक्टर, एम्स

Posted By: Pradeep Srivastava

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