महराजगंज, जेएनएन। नौतनवा थाना क्षेत्र के एक गांव में शिक्षिका के मौत की गुत्‍थी उलझती जा रही है। पुलिस ने मृतका के पिता द्वारा दी गई तहरीर को धता बताते हुए उसके मां द्वारा दी गई दूसरी तहरीर पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया है। जिसमें प्राइवेट स्कूल के प्रबंधक व एक अध्यापक को आरोपित बनाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शिक्षिका के मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। जिसके कारण बिसरा सुरक्षित कर दिया गया है। इस मामले में पुलिस ने प्रबंधक पुत्र संदीप व शिक्षक दीपचंद के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है।

यह है पुलिस की आख्या

पुलिस ने अपनी आख्या में लिखा है कि मृतका के पिता को कुछ लोगों ने विद्यालय प्रबंधक के खिलाफ छेड़छाड़ जैसा मामला बढ़ा चढ़ा कर बताया गया था। लेकिन मृतका की मां ने सही बात बताते हुए तहरीर दी। जिस पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

शिक्षिका की मां का यह है कहना

मृत शिक्षिका की मां का कहना है कि जब उसकी पुत्री गोरखपुर मेडिकल कालेज में भर्ती थी। तो उसे होश आया था। उसने बताया कि उसे स्कूल में कई लोगों के सामने डांट दिया गया था। यह बात उसे काफी नागवार लगी और उसने घर आकर सल्फास खा लिया।  

थानाध्यक्ष ने कहा, पिता ने बढ़ाचढ़ा कर दी थी तहरीर

थानाध्यक्ष नौतनवा परमाशंकर यादव का कहना है कि पहले पिता द्वारा दी गई तहरीर में कुछ बातें गलत व बढ़ाचढ़ा कर लिखी गईं थीं। मृतका की मां व पिता के संयुक्त हस्ताक्षर वाले तहरीर पर दो लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। 

पोस्टमार्टम में नहीं मिला विषाक्त पदार्थ खाने का प्रमाण

उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले की गुत्थी और उलझा दिया है। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। मौत के कारणों की जांच के लिए चिकित्सकों ने विसरा सुरक्षित कर लिया है। पहले संदिग्ध हालात में शिक्षिका की गोरखपुर मेडिकल कालेज में मौत हो गई । फिर मामले में मृतका के पिता द्वारा यह कह तहरीर देना कि स्कूल में छेड़छाड़ से आहत होकर उसकी पुत्री ने जहर खाया। इसके बाद पुलिस ने उस तहरीर को बदल मृतका की मां की तहरीर को सही माना। मां ने पुलिस को बयान दिया कि उसकी बेटी ने होश में आने के बाद बताया कि स्कूल में डांट से आहत हो कर सल्फास खा लिया था। पुलिस ने मामले में दो लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट यह कह रही है कि जहर से मौत होने के कोई प्रमाण नहीं मिले। मात्र दो दिन में प्रकरण में कई उतार-चढ़ाव आए और अंतत: मामला पेचीदा हो चला है। मामले में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब शिक्षिका की मौत जहर से नहीं हुई तो कैसे हुई ? पुलिस ने मामले में आत्महत्या जैसा मामला दर्ज किया है। जब मौत का कारण ही स्पष्ट नहीं हो पाया तो पुलिस मामले को आत्महत्या दृष्टिकोण से अपनी फौरी जांच कैसे आगे बढ़ाएगी ? थानाध्यक्ष परमाशंकर यादव का कहना है कि युवती की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। विसरा जांच के लिए संरक्षित किया गया है। मामले की जांच चल रही है।

सामूहिक दुष्कर्म के दो आरोपितों को जेल

उधर, कोठीभार थाना क्षेत्र के सिसवा रेलवे स्टेशन परिसर में युवती से सामूहिक दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार किए गए दो आरोपितों को मंगलवार को जेल भेज दिया। इस घटना में वांछित राहुल उर्फ लाला निवासी ग्राम तुर्कहिया थाना हनुमानगंज जनपद कुशीनगर एवं भुवर उर्फ अनिल निवासी बीजापार थाना कोठीभार महाराजगंज को मंगलवार को जेल भेज दिया। 

Posted By: Pradeep Srivastava

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