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गोरखपुर, जेएनएन। नई दिल्ली में बना फर्जी एक्सेस फेयर टिकट (ईएफटी) रेलवे स्टेशन गोरखपुर पर पकड़े जाने का मामला प्रकाश में आया है। मामले की जानकारी होने पर रेलवे प्रशासन में हड़कंप है। रेलवे विजिलेंस टीम ईएफटी की जांच में जुट गई है।

शुक्रवार सुबह लगभग 9.10 बजे टीसी दिलीप कुमार फ‌र्स्ट क्लास गेट पर यात्रियों के टिकटों की जांच कर रहे थे। इसी बीच वैशाली एक्सप्रेस से उतरे दो यात्रियों ने उन्हें ईएफटी दिखाई। टीसी को ईएफटी पर कुछ संदेह हुआ तो वह यात्रियों को लेकर यात्री मित्र कार्यालय पहुंच गए। डिप्टी एसएस कामर्शियल एसएन द्विवेदी ने जब ईएफटी देखा तो शक गहरा हो गया और इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। जानकारी होते ही मुख्य टिकट निरीक्षक और विजिलेंस की टीम मौके पर पहुंच गई। फिलहाल, विजिलेंस ने ईएफटी अपने कब्जे में ले लिया है। यात्रियों का बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

नई दिल्ली में काउंटर टिकट लेकर पकड़ा दिया ईएफटी

फर्जी ईएफटी के साथ पकड़े गए यात्री राहुल और नारद ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने काउंटर से जनरल टिकट लिया था, लेकिन नई दिल्ली स्टेशन पर एक टीटी ने जांच के दौरान टिकट ले लिया और 860 रुपये लेकर यह टिकट पकड़ा दिया। विरोध करने पर दबाव बनाने लगा और बताया कि यह असली टिकट है। दोनों यात्री बिहार के गोपालगंज स्थित कुचायकोट अमवा विजयपुर के रहने वाले हैं।

कम कीमत का बना है टिकट, नहीं दिख रहा वाटर मार्क

प्रथम दृष्टया देखने पर ईएफटी फर्जी लग रहा है। छपाई अस्पष्ट है। वाटर मार्क नहीं दिख रहा। जानकारों के अनुसार दिल्ली का जनरल किराया 230 रुपये है। दो लोगों का किराया 460 रुपये हुआ। 500 रुपये जुर्माना हुआ। ऐसे में कुल 960 रुपये का ईएफटी कटना चाहिए। जबकि, टीटी ने 860 रुपये का ईएफटी बनाया है।

इस संबंध में सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। ईएफटी की जांच कराई जा रही है। निष्कर्ष के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Jagran

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