अधूरे पीएम शहरी आवास के 940 लाभार्थियों से होगी वसूली

संतकबीर नगर: प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना के 940 लाभार्थियों से सरकारी धनराशि की वसूली जल्द शुरू होगी। इसमें सर्वाधिक लाभार्थी नगर पंचायत मेंहदावल जबकि सबसे कम लाभार्थी हरिहरपुर के शामिल हैं। कइयों ने नींव स्तर तक वहीं कुछ लाभार्थियों ने पैसा मिलने के बाद भी केवल छत स्तर तक दीवार बनाया। कई बार चेतावनी दिए जाने के बाद भी आवास को पूर्ण रूप से तैयार नहीं किया। प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना के तहत पहली-50 हजार, दूसरी-डेढ़ लाख व तीसरी किस्त के रूप में 50 हजार यानी तीन किस्त में प्रत्येक लाभार्थी के बैंक खाते में ढ़ाई लाख रुपये भेजे जाते हैं। पहली किस्त से नींव स्तर तक का काम, दूसरी से नींव के बाद छत, प्लास्टर आदि कार्य कराने होते हैं। इसके पूर्ण होने पर तीसरी किस्त लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। वर्ष 2017 से अब तक कुल 940 लाभार्थियों ने पहली व दूसरी किस्त मिलने के बाद भी आवास पूर्ण रूप से तैयार नहीं किया। इसमें नगरपालिका परिषद खलीलाबाद के 233, नगर पंचायत मेंहदावल के 86, नगर पंचायत हरिहरपुर के 62, नगर पंचायत बखिरा के 108 व नगर पंचायत मगहर के 451 लाभार्थी शामिल हैं।

इसमें कइयों ने सिर्फ नींव स्तर तक काम कराया है जबकि कुछ लाभार्थियों ने पैसा मिलने के बाद भी केवल छत स्तर तक दीवार बनाया है। कई बार चेतावनी के बाद भी इन पर कोई असर नहीं पड़ा। कुछ लाभार्थियों के राजनीतिक दलों के नेता से अच्छे संबंध हैं। इसके कारण चेतावनी देने पर ये नेता डूडा के अधिकारियों पर कार्रवाई न करने का दबाव बनाते हैं। डूडा के परियोजना अधिकारी (पीओ) ने प्रेमेंद्र सिंह ने इस प्रकरण को लेकर कलेक्ट्रेट स्थित एडीएम वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार सिंह के कक्ष में पहुंचे। एडीएम को इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस पर एडीएम सख्त हुए, उन्होंने संबंधित तहसील प्रशासन के जरिए इन लाभार्थियों से आवास की सरकारी धनराशि की वसूली किए जाने के निर्देश दिए।

एक सप्ताह के अंदर अधूरे पीएम शहरी आवास का कार्य शुरू न करने पर लाभार्थियों से आवंटित धनराशि की वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इनके विरुद्ध संबंधित थाने में सरकारी धन गबन करने का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। पीओ डूडा को ऐसे लाभार्थियों की सूची नगरपालिका परिषद, नगर पंचायतों के नोटिस बोर्ड में चस्पा करने को कहा गया है।

मनोज कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व

Edited By: Jagran