संत कबीरनगर, जेएनएन : 79 अधूरे प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण)जल्द पूरे नहीं हुए तो बीडीओ, संबंधित ब्लाकों के प्रधान व पंचायत सचिव पर कार्रवाई के दायरे में रहेंगे।

संबंधित ब्लाकों के बीडीओ को 30 सितंबर तक कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। हर दिन की समीक्षा और सख्ती से भी सुधार नहीं

पिछले वित्तीय सत्र यानी 2019-20 में 2002 का लक्ष्य मिला था। इसमें सभी 2002 लाभार्थियों को पहली किस्त के रुप में 40-40 हजार दिया गया। इसके बाद इन सभी 2002 लाभार्थियों को दूसरी किस्त के रूप में 70-70 हजार रुपये दिए गए थे। 1892 लाभार्थियों को तीसरी किस्त के रूप में 10-10 हजार रुपये दिए गए थे। इस प्रकार एक लाभार्थी को आवास बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये बैंक खाते में भेजे गए थे। अब तक सिर्फ 1923 लाभार्थियों के आवास पूर्ण हुए हैं। विकास भवन सभागार में सीडीओ द्वारा आवास की हर दिन समीक्षा करने और सख्ती के निर्देश पर भी 79 आवास अब भी अधूरे हैं। चालू वित्तीय सत्र 2020-21 में कोई लक्ष्य नहीं मिला है। इन्हीं लाभार्थियों के आवास को पूर्ण कराया जा रहा है। हैंसर बाजार ब्लाक में सबसे ज्यादा अधूरे आवास जनपद के हैंसर बाजार में 38, नाथनगर में 13, सांथा में 12, पौली में छह, सेमरियावां में पांच, मेंहदावल व खलीलाबाद में दो-दो तथा बघौली ब्लाक में एक कुल 79 प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) अधूरे हैं। इन ब्लाकों के बीडीओ को 30 सितंबर तक सभी आवास पूर्ण करने के निर्देश दिए गए थे। प्रधान और पंचायत सचिव भी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। बीडीओ इनसे यह काम कराने में असफल साबित हुए हैं। यही वजह है कि वर्तमान में एक भी अधूरे आवास पूर्ण नहीं हुए। यदि जल्द अधूरे प्रधानमंत्री आवास पूर्ण नहीं हुए तो संबंधित ब्लाकों के बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। प्रधानों और पंचायत सचिवों की भी मुश्किलें बढ़ सकती है। प्रमोद यादव

पीडी-डीआरडीए

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