महराजगंज: जिले में शहरी पीएम आवास योजना का बुरा हाल है। जिले के सात नगर निकायों में योजना के तहत स्वीकृत 13777 आवास में अभी तक मात्र 7005 लोगों के ही आवास पूर्ण हो सके हैं। अभी 6772 लोग ऐसे हैं, जिनका आवास का सपना अभी भी सपना ही है। प्रथम किस्त प्राप्त के बाद दूसरी और तीसरी किस्त के लिए कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं।

पीएम आवास योजना में पात्र लोगों का डीपीआर तैयार होने के बाद उसे प्रदेश और फिर केंद्र स्तरीय कमेटी की बैठक में रखा जाता है। वहां से स्वीकृति मिलने पर एमआइएस पोर्टल पर डीपीआर अपलोड और फिर उसे आधार से जोड़कर जियो टैगिग की जाती है। उसके बाद लाभार्थी के खाते में पहली किस्त 50 हजार रुपये भेजी जाती है। प्रथम किस्त के बाद लाभार्थी आवास का निर्माण शुरू करा देता है। कार्य प्रगति पर रहने के दौरान और समाप्ति अवधि तक आवास निर्माण के लिए तीन किस्तों में कुल ढाई लाख रुपये मिलते हैं। इन तीनों किस्त से पूर्व डूडा के कर्मचारियों द्वारा कार्यों का भौतिक सत्यापन किया जाता है, जिसके बाद से धनराशि जारी होती है। लेकिन कर्मचारियों के सत्यापन में लापरवाही व ससमय निगरानी न होने से अभी भी 6772 लोगों को दूसरी व तीसरी किस्त नहीं मिल सकी है। आवास का रुपये कहीं और खर्च कर रहे लाभार्थी

पीएम आवास योजना में पहली-दूसरी और तीसरी किस्त समय से न मिलने के कारण लाभार्थियों में भी उहापोह की स्थिति है। कई लाभार्थियों द्वारा तो आवास के लिए आए रुपये का दुरुपयोग कर उसका प्रयोग किसी और काम के लिए कर रहे हैं। जिसके कारण न तो उनका सत्यापन पूरा हो पा रहा है और न ही उनका आवास। महराजगंज नगर पालिका में बन रहे हैं सर्वाधिक आवास

पीएम आवास योजना के जिला कोर्डिनेटर देशराज ने बताया कि जिले के आनंदनगर नगर पंचायत में 391, घुघली में 1379, निचलौल में 2553, सोनौली नगर पंचायत में 2181 व महराजगंज नगर पालिका में 4448, सिसवा में 1046 तथा नौतनवा नगर पालिका में 1779 आवास के लाभार्थी चयनित किए गए हैं। इसमें सभी को प्रथम किस्त की धनराशि दी जा चुकी है। शेष किस्तों की राशि उनके कार्यों का सत्यापन होने के बाद ही जाएगा। पीएम आवास योजना में लाभार्थियों के आवास अविलंब पूर्ण कराने के लिए डूडा को निर्देश दिया गया है। योजना के सत्यापन में अगर लापरवाही की जा रही है, तो इस मामले में जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

-गौरव सिंह सोगरवाल, सीडीओ, महराजगंज

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