गोरखपुर, जेएनएन। 19 मार्च को योगी आदित्यनाथ सरकार के तीन वर्ष पूरे हो गए। इन तीन वर्षों से जनपद में करीब 50 हजार करोड़ रुपये की लगभग सात सौ परियोजनाओं पर कार्य चल रहे हैं। इनमें कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी है जबकि कुछ परियोजनाओं पर कार्य चल रहे हैं।

गोरखपुर की प्रमुख परियोजनाएं

7080 करोड़ से खाद कारखाना का निर्माण

1200 करोड़ से धुरियापार चीनी मिल परिसर में 2जी एथनाल प्लांट का निर्माण

398 करोड़ से पांच हजार टीसीडी पेराई क्षमता का पिपराइच चीनी मिल का निर्माण

1011 करोड़ से एम्स का निर्माण, ओपीडी में मरीजों का इलाज शुरू, एमबीबीएस प्रथम वर्ष में छात्र-छात्राओं का प्रवेश

274 कराड़ से बीआरडी मेडिकल कालेज में 500 शैय्या बालरोग अस्पताल

323 करोड़ से मोहद्दीपुर- जंगल कौडिय़ा फोर लेन सड़क का निर्माण

259.15 करोड़ की लागत से शहीद अशाफाकउल्ला खां प्राणि उद्यान का निर्माण

196.15 करोड़ की लागत से रामगढ़ताल का सौंदर्यीकरण

102 करोड़ से गोरखपुर सीवरेज जोन ए के दक्षिणी भाग का निर्माण

72.27 करोड़ से गोरखपुर सीवरेज जोन ए के उत्तरी भाग का निर्माण

62.89 करोड़ से राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल परियोजनाएं

57.63 करोड़ से गोरखपुर न्यायालय में टाइप-5 के आवासीय भवनों का निर्माण

49.50 करोड़ से प्रेक्षागृह एवं सांस्कृति केंद्र का निर्माण

45.03 करोड़ से 750 आवासों का निर्माण

43.07 करोड़ से 24 न्यायालय कक्षों का निर्माण।

33.21 करोड़ से क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण

25 करोड़ से न्यायालय भवनों का निर्माण

19.68 करोड़ से सर्किट हाउस में एनेक्सी निर्माण

16.74 करोड़ से नंदानगर अंडरपास का निर्माण

16.05 करोड़ से वसुंधरा मोड़ से तुर्रा नाले तक छह किमी आरसीसी नाले का निर्माण

96.11 करोड़ से कम्हरिया घाट पर सेतु का निर्माण

82.30 करोड़ से रोहिन नदी पर शंघाई घाट सेतु का निर्माण

79 करोड़ से गायघाट पर पांटून सेतु का निर्माण

72.78 करोड़ से नई सड़कों का निर्माण

सिंचाई विभाग

92.88 करोड़ से मलौनी बांध पर पंपिंग स्टेशन का निर्माण

18.59 करोड़ से राप्ती नदी के बाएं तट पर घाट का निर्माण

नगर निगम

45.10 करोड़ से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क, पार्क, नाली, मिनी नलकूप, डे्रनेज आदि का कार्य

23 करोड़ से नगर निगम भवन का निर्माण

11.82 करोड़ से महेवा में कान्हा उपवन गौशाला का निर्माण

गोरखपुर विकास प्राधिकरण

81.92 करोड़ से राप्ती नगर आवासीय योजना में प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण

61 करोड़ से लेक व्यू विस्तार आवासीय योजना में बहुमंजिला भवन का निर्माण

37.53 करोड़ से राप्ती नगर विस्तार आवासीय योजना में भवनों निर्माण

32.60 करोड़ से गोलघर स्थित जलकल परिसर में मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण

29 करोड़ से रामगढ़ ताल परियोजना में अवस्थापना सुविधाओं का विकास

19.67 करोड़ से राप्ती नगर विस्तार आवासीय योजना

11 करोड़ से एम्स परिसर में जल निकासी हेतु आरसीसी नाले का निर्माण

10.05 करोड़ से शहर में सड़क, नाली, पार्क व जलापूर्ति का कार्य

10.84 करोड़ से रामगढ़ परियोजना के अंतर्गत दिग्विजयनाथ पार्क का निर्माण व सौंदर्यीकरण

सात हजार करोड़ का खाद कारखाना दे रहा 10 हजार को रोजगार

सात हजार करोड़ रुपये की लागत से बन रहा ङ्क्षहदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) का खाद कारखाना 10 हजार को रोजगार दे रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जुलाई 2016 को खाद कारखाना का शिलान्यास किया था। तब योगी आदित्यनाथ सांसद थे। जब योगी आदित्यनाथ प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो निर्माण कार्यों में जबरदस्त तेजी आई।

3850 मीट्रिक टन प्रतिदिन की होगी क्षमता

गोरखपुर के खाद कारखाना की उत्पादन क्षमता 3850 मीट्रिक टन प्रति दिन की होगी। खाद कारखाना के निर्माण की जिम्मेदारी पांच कंपनियों- नेशनल थर्मल पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड (एनटीपीसी), कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल), इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड (आइओसीएल), द फर्टिलाइजर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एफसीआइएल) व हिमाचल फ्यूचरिस्टिक कम्युनिकेशन लिमिटेड (एचएफसीएल) के संयुक्त उपक्रम एचयूआरएल को जिम्मेदारी सौंपी है।

ऐसे बनेगी यूरिया

खाद कारखाना में पहले यूरिया का घोल तैयार किया जाएगा। इसे प्रीलिंग टॉवर में ऊपर से एक मशीन के जरिये डाला जाएगा। ऊपर से घोल नीचे की तरफ आएगा और नीचे हवा ऊपर जाएगी। हवा के रीएक्शन से घोल यूरिया दाने के रूप में तब्दील होकर नीचे गिरेगा। गोरखपुर में बनने वाली यूरिया नीम कोटेड होगी।

विश्व का सबसे ऊंचा प्रीलिंग टॉवर

एचयूआरएल के खाद कारखाना में विश्व का सबसे ऊंचा प्रीलिंग टॉवर बना है। टॉवर की ऊंचाई 149.2 मीटर है। 

बन गया रबर डैम

खाद कारखाना के एक हिस्से में चिलुआताल के किनारे 28 करोड़ की लागत से रबर का बांध बन चुका है। 65 मीटर लंबा और दो मीटर ऊंचा है यह बांध बुलेट प्रूफ है। देश में पहली बार हवा आधारित बांध गोरखपुर में बना है। इसमें दक्षिण कोरिया की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

Posted By: Pradeep Srivastava

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