गोरखपुर, जेएनएन। नगर निगम क्षेत्र में शामिल हुए 31 गांवों में शहरी सुविधाओं के लिए 168 करोड़ रुपये की जरूरत है। नगर निगम ने गांवों का सर्वे कर विकास कार्यों के लिए धन का प्रस्ताव बना लिया है। अब प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।

दिसंबर 19 में शुरू कराया था सर्वे

नगर निगम क्षेत्र में शामिल 31 गांवों में शहर जैसी सुविधा देने के लिए नगर निगम प्रशासन ने दिसंबर 19 में सर्वे शुरू कराया था। नगर निगम की टीम ने सड़क, नाली, पीने का पानी, सीवर लाइन, स्ट्रीट लाइट की जरूरतों का अध्ययन किया।

नौ दिसंबर 19 को हुई थी घोषणा

नौ दिसंबर 2019 को प्रदेश सरकार ने शहर से सटे 31 गांवों को नगर निगम क्षेत्र में शामिल करने की अनुमति दी थी। इसके साथ ही नौ अन्य गांवों को नगर निगम क्षेत्र में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है।

यह सुविधा मिलेगी

सड़क, नाली, सीवर, स्ट्रीट लाइट, सफाई, कूड़ा उठान

यह होगा फायदा

शहर का हिस्सा बनने से जमीन के रेट बढ़ेंगे, सुविधाएं मिलने से नागरिकों के जीवनस्तर में सुधार होगा

यह देना होगा

जल, सीवर और गृह कर

यह है बजट का प्रस्ताव

सिक्टौर तप्पा हवेली          448.08

जंगल हकीम नंबर दो        1360.58

रानीडीहा                      48.79

खोराबार उर्फ सूबा बाजार    1376.77

जंगल सिकरी उर्फ खोराबार  1126.09

जंगल बहादुर अली           539.15

नुरुद्दीन चक                 235.58

गुलहरिया                      447.89

मुडि़ला उर्फ मुंडेरा            338.19

करमहा उर्फ कम्हरिया        179.06

लक्ष्मीपुर तप्पा कस्बा          331.31

चकरा दोयम                  82.40

चकरा सेयम                  57.60

बडग़ो                        849.89

सेमरा देवी प्रसाद            253.81

जंगल तिकोनिया नंबर एक  506.94

हरसेवकपुर नंबर दो         685.71

उमरपुर तप्पा खुटहन        474.22

भरवलिया बुजुर्ग            1613.79

पथरा                        1060.76

रानीबाग                     398.84

झरवा                        240.94

कठवतिया उर्फ कठउर      311.33

पिपरा तप्पा हवेली           269.78

कजाकपुर                   672.53

गायघाट बुजुर्ग              234.32

गायघाट खुर्द                468.95

सेंदुली बेंदुली               865.86

रामपुर तप्पा हवेली          852.79

मनहट                       137.59

कुल                        16796.07

नोट- आंकड़े लाख में हैं।

गांवों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। प्रस्ताव बनाकर बजट के लिए शासन को भेजा जा रहा है। बजट मिलते ही गांवों में विकास कार्य शुरू कराया जाएगा। - अंजनी कुमार सिंह, नगर आयुक्त

नागरिकों ने कीचड़ में किया प्रदर्शन

उधर, बिछिया में सड़क निर्माण में देर और सड़क पर कीचड़ से नाराज नागरिकों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। नागरिकों ने ठीकेदार और अफसरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कीचड़ भरी सड़क पर प्रदर्शन किया। बिछिया क्षेत्र में पीएसी गेट से पश्चिम रामलीला मैदान होते हुए गैस गोदाम को जाने वाली छह सौ मीटर सड़क का तीन महीने से निर्माण चल रहा है। सड़क के साथ ही पानी की पाइप लाइन डालने के लिए भी खोदाई हुई है। ठीकेदार ने निर्माणाधीन सड़क के किनारे मिट्टी डाल दी थी। बारिश में मिट्टी सड़क पर फैल गई। कीचड़ के कारण रामलीला मैदान बिछिया, काशीपुरम कॉलोनी व ताड़ीखाना चौराहा की ओर आने व जाने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सत्यप्रकाश जायसवाल, सरवन गुप्ता, अमरनाथ यादव, अरशद अली, अमरजीत यादव, शिवाकांत साहनी, भीम राजभर, विजय कुमार, अहमद यादव, संदीप कुमार भारती, बसंत लाल यादव, बृजेश कुमार, सचिन राजभर ने कहा कि सड़क निर्माण काफी धीमी गति से हो रहा है। उन्होंने अफसरों से मांग की कि वह ठीकेदार को जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कराने का निर्देश दें।

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