संतकबीर नगर: एजेंसियों को समर्थन मूल्य योजना से लाभान्वित करने के लिए पंजीकृत किसानों से एक अप्रैल से 15 जून 2022 तक गेहूं खरीदना है। शासन से आवंटित लक्ष्य 48 हजार एमटी की तुलना में अब तक तीन एजेंसियों ने केवल 583 पंजीकृत किसानों से 2578.916 एमटी (5.37 प्रतिशत) गेहूं खरीद सके हैं। बोरा, किराया, केंद्र प्रभारी अथवा पल्लेदार के रहने व न रहने का संशय के अलावा भुगतान की समस्या की वजह से अधिकतर किसान खरीद केंद्रों की जगह गल्ला कारोबारियों को गेहूं बेंचने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसकी वजह से खरीद की प्रगति काफी खराब है। अब खरीद के लिए 23 दिन बाकी है। लक्ष्य पूर्ति कर पाना मुश्किल होगा। क्या कहते हैं जनपद के किसान..?

जनपद के हैंसर बाजार ब्लाक के टाड़ा गांव के किसान प्रदीप कुमार का कहना है कि पंजीकरण कराने के बाद खरीद केंद्रों के प्रभारी कल-परसों में खरीदने की बात कहकर दौड़ाते हैं। संपर्क करने पर जल्दी फोन नहीं उठाते। नाथनगर ब्लाक के ठाठर गांव के लवकुश का कहना है कि खरीद केंद्रों पर बोरे का झंझट, किराया, भुगतान सहित अन्य समस्याएं झेलनी पड़ती है। इसलिए किसान अव्यवस्था से बचने के लिए खरीद केंद्रों से किनारा कस रहे हैं। खलीलाबाद ब्लाक के कटहरिया गांव किसान प्रमोद चौधरी ने कहा कि गल्ला कारोबारी मांगने पर एडवांस दे देते हैं। न मांगने पर खरीदने के बाद तुरंत भुगतान कर देते हैं। इसी ब्लाक के नकहां गांव के किसान सोनू मौर्य ने कहा कि गेहूं का समर्थन मूल्य 2015 रुपये जबकि गल्ला कारोबारी 2000 रुपये 2025 रुपये प्रति क्विंटल के दर से घर पर गेहूं खरीद ले रहे हैं। इनके पास गेहूं बेंचने में कोई दिक्कत नहीं होती। किस एजेंसी ने कितना खरीदा गेहूं..?

खरीद एजेंसी : खरीद केंद्र: गेहूं बेंचने वाले किसान: खरीदे गेहूं(एमटी)

खाद्य विभाग :14:220:1004.350

पीसीएफ : 41:357: 1559.226

यूपीसीयू : 05:006: 15.340

योग : 60 : 583: 2578.916 बाजार दर ठीक होने के कारण लक्ष्य की तुलना में काफी कम खरीद हो पाई है। खरीद में तेजी लाने के लिए मोबाइल क्रय केंद्र की व्यवस्था की गई है। इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। तीनों एजेंसियों के अधिकारियों को खरीद में तेजी लाने के लिए निर्देश दिए गए हैं।

मनोज कुमार सिंह,एडीएम वित्त एवं राजस्व

Edited By: Jagran