गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गोरखपुर में सोमवार को झमाझम बार‍िश हुई। इससे लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत म‍िली। मौसम विभाग के पैमाने पर महज 20 मिनट में 19 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड कर ली गई। बारिश से अचानक मौसम बदल गया और लोगों को तेजी से बढ़ रही गर्मी से राहत मिली। मौसम विज्ञानी कैलाश पांडेय के मुताबिक अगले दो दिन तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

आज 50 फीसद से अधिक स्‍थानों पर हल्‍की की संभावना

सोमवार को जिले के 50 फीसद से अधिक स्‍थानों पर हल्‍की से मध्यिम बारिश हो सकती है। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट आएगी। सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के करीब रह सकता है। न्‍यूनतम तापमान 24-25 डिग्री सेल्सियस के करीब रह सकता है। हवा पूरब से दक्षिण पूरब की तरफ चल सकती है। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पाण्‍डेय ने यह पूर्वानुमान जताते हुए कहा है कि रविवार को सुबह का न्‍यूनतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि दिन का अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता अधिकतम 91 फीसद व न्‍यूनतम नमी 75 फीसद रही। हवा दक्षिण पूरब की तरफ से चली। इसकी अधिकतम गति 18 किलोमीटर प्रति घंटे रही।

बता दें पिछले कई दिनों से जारी बेहिसाब गर्मी के चलते लोग परेशान थे। दिन का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के करीब व रात का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया था। धूप व नमी की जुगलबंदी के चलते लोगों को तापमान से तीन से चार डिग्री सेल्सियस से अधिक गर्मी महसूस हो रही थी । ऐसे में रविवार की बारिश से लोगों को भारी राहत मिली है। रविवार को 19 मिलीमीटर बारिश हुई है। इससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। बतातें अक्‍टूबर माह की औसत वर्षा 42.8 मिलीमीटर है। अभी माह में 13 दिन बचे हुए हैं, लेकिन इस माह औसत के सापेक्ष छह गुनी से अधिक बारिश हो चुकी है। अक्‍टूबर माह में दिन का औसत अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस है, जबकि न्‍यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस है।

बार‍िश से अस्‍तव्‍यस्‍त हुआ जनजीवन

रविवार को हुई अचानक और भारी बार‍िश से पूरा ज‍िला प्रभाव‍ित हुआ। शहर क्षेत्र में गली मोहल्‍लों में पानी लग गया और ग्रामीण क्षेत्र में धान की कटाई की तैयारी कर रहे क‍िसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के अध‍िकांश मोहल्‍लों में पहले से ही पानी लगा हुआ है। रविवार की बरसात ने लोगों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी कर दी। क‍िसानों के खेत में पानी लगने से धान की फसल बर्बाद होने की स्‍थ‍ित‍ि में आ गई है।

Edited By: Pradeep Srivastava