गोरखपुर, जेएनएन। पिछले वर्ष हल्की बारिश में भी जल जमाव का शिकार हुई मंडी में कई दिन व्यापार चौपट हुआ था। इससे सबक लेते हुए मंडी प्रशासन ने मुख्य टैंक व मंडी में जगह-जगह स्थापित चैंबर को साफ कराने के साथ ही सड़क व नालियों की मरम्मत का भी निर्णय लिया है।

मंडी की जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने की तैयारी पूरी है। लगभग 18 वर्ष बाद पहली बार सीवर टैंक साफ कराया जा रहा है। टैंक का सीमेंटेड कवर तोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

वर्ष 2000 में हुआ था निर्माण

मानसून आने से पूर्व अभियान के तौर पर काम कराकर मंडी की जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है। मंडी में जगह-जगह स्थापित चैंबर साफ करा दिए गए हैं, मंडी सचिव परिसर में बने सीवर टैंक का कवर तोड़ा जा रहा है। अधिकतम दो दिन में सीवर टैंक की सफाई कर दी जाएगी। सीवर टैंक का निर्माण सचिव कार्यालय परिसर में वर्ष 2000 में कराया गया और उसे नगर निगम के नाले को जोड़ दिया गया।

एक साथ हो रहे इतने काम

जबसे टैंक बना तभी से आज तक उसकी सफाई नहीं हुई, टैंक के बने 18 साल हो गए। परिणाम स्वरूप टैंक सिल्ट से भर गया है और पानी उसमें जा नहीं रहा है। इसके साथ ही ई-नेम भवन, रिसेप्शन, हेल्प डेस्क का निर्माण, टिकर बोर्ड, साइनेज की स्थापना, आंतरिक रोड का हाटमिक्स पद्धति से सुदृढ़ीकरण, बैंक भवन, मछली मंडी व किसान विश्राम गृह की चहारदीवारी व मछली मंडी के नाले की मरम्मत भी कराई जा रही है।

तेज बारिश में लगाए जाएंगे दो मड पंप

हल्की बारिश के लिए तो सीवर टैंक में रेगुलेटर रहेगा ही। लेकिन जब तेज बारिश होती है तो नगर निगम के नाले का पानी उल्टा बहकर सीवर टैंक में आने लगता है। ऐसी स्थिति में दो मड पंप मंगाए जा रहे हैं, जब तेज बारिश होगी तो रेगुलेटर बंद करके दोनों मड पंप लगाकर सीवर का पानी बाहर की तरफ फेंका जाएगा।

ज्यादातर काम पूरे

इस संबंध में मंडी के सचिव सेवाराम वर्मा का कहना है कि ज्यादातर काम हो चुके हैं, मंडी में स्थित सभी चैंबर साफ करा दिए गए हैं, नालियां साफ हो चुकी हैं। सीवर टैंक का कवर तोड़ दिया गया है, एक-दो दिन में इसका सिल्ट निकाल दिया जाएगा। बरसात से पूर्व सभी कार्य पूर्ण करा लिए जाएंगे।

Edited By: Jagran