गोरखपुर, जेएनएन। कोरोना का कहर जारी है। इस महामारी से मौतें रुक नहीं रही हैं। 24 घंटे में 16 संक्रमितों की मौत हो गई। बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कालेज में 15 मरीजों ने आखिरी सांस ली। इसमें सात गोरखपुर के थे। गोरखपुर के एक और मरीज की मौत बस्ती के एक अस्पताल में हुई है। सभी मौतें पोर्टल पर अपडेट न होने से स्वास्थ्य विभाग ने मौतों की संख्या केवल एक जारी की है।

गुरुवार को 780 लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। इसमें 423 शहर के हैं। जिले में संक्रमितों की संख्या 52666 हो गई है। 552 की मौत हो चुकी है। 44440 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। 7674 सक्रिय मरीज हैं। सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय ने इसकी पुष्टि की है।

गोरखपुर के बासगांव व गगहा निवासी दो महिलाएं मेडिकल कालेज में भर्ती थीं। गुरुवार को उनकी मौत हो गई। उनकी उम्र क्रमश: 36 व 45 वर्ष थी। इसी वार्ड में भर्ती कैंपियरगंज के दो तथा नरायनपुर, मोहम्मदपुर व साहबगंज के एक-एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। गोरखपुर के एक व्यक्ति की मौत बस्ती के एक अस्पताल में हो गई। मेडिकल कालेज के कोरोना वार्ड में भर्ती देवरिया के दो, महराजगंज के दो, कुशीनगर के तीन व संत कबीर नगर के एक मरीज की भी मौत हो गई।

कोरोना जांच कराने वालों को तुरंत दी जाएंगी दवाएं

बढ़ते कोरोना संक्रमण व गंभीर हो रहे मरीजों के चलते स्वास्थ्य विभाग ने तय किया है कि अब कोरोना जांच कराने आने वाले सभी लोगों को दवा की किट तत्काल दे दी जाएगी। उनकी रिपोर्ट का इंतजार नहीं किया जाएगा। विभाग ने लक्षण वाले व बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए दवाओं के अलग-अलग पैकेट तैयार किया है।

तैयार हुआ दवाओं का पैकेज

कोरोना संक्रमित के संपर्क में आने वालों या बिना लक्षण वाले लोगों के लिए पांच दवाओं का पैकेट तैयार किया गया है। इसमें आइवरमेक्टिन, विटामिन-सी, जिंक, विटामिन डी-थ्री और विटामिन बी कांपलेक्स है। यह दवा पांच दिन की है। इसमें विटामिन-सी, विटामिन डी-थ्री की पांच- पांच टेबलेट, विटामिन-बी काम्पलेक्स व जिंक की 10-10 टेबलेट और आइवरमेक्टिन की छह टेबलेट शामिल है।

सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय ने बताया कि लक्षण वाले मरीजों के पैकेट में सात दवाएं शामिल की गई हैं। इनके पैकेट में पैरासिटामाल व एजिथ्रोमाइसिन बढ़ा दिया गया है। यह अभियान पिछले चार दिन से चल रहा है। अब तक अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं के करीब 38 हजार पैकेट बांटे जा चुके हैं। जिसमें 30 हजार पैकेट बगैर लक्षण वाले लोगों को दिए गए हैं। आठ हजार पैकेट ऐसे लोगों को दिए गए जिनमें लक्षण थे।