गोरखपुर, (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश से सटे भारत-नेपाल बार्डर की सुरक्षा चाक चौबंद किए जाएंगे। इसके लिए 560 किलोमीटर के खुले क्षेत्र में 154 बार्डर आउटपोस्ट स्थापित होंगे। एसएसबी की इन चौकियों को स्थापित करने के लिए गृह मंत्रालय भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जाए। भूमि के लिए 29 करोड़ 27 लाख 83 हजार 323 रुपये अवमुक्त किये गए हैं। प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव ने भी सीमावर्ती क्षेत्र के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर भूमि उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
भारत-नेपाल के सीमावर्ती जनपद महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच और श्रावस्ती के सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव नियोजन मनोज वर्मा ने कहा है कि गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार बार्डर आउटपोस्टों की स्थापना के लिए भूमि अर्जन से संबंधित कार्रवाई कराकर अवगत कराया जाए। बता दें कि कुछ जगहों पर एसएसबी की चौकियां पहले से स्थापित हैं, लेकिन अधिकांश के लिए भूमि का आवंटन नहीं हो पा रहा था। बजट की भी किल्लत थी। जिसके चलते गृह मंत्रालय ने इसका संज्ञान लिया है। भारत-नेपाल सीमा का खुला क्षेत्र होने के कारण इधर से आतंकी प्रवेश करते रहे हैं। मानव और चरस तस्करी के मामले आए दिन पकड़े जाते रहे हैं। यहां होंगे नए बीओपी भारत नेपाल के 560 किमी में 154 बीओपी स्थापित होना है।
सिद्धार्थनगर में यहां स्‍थापित होंगे बीओपी
- सेमरथवा
- नरकुल
- बानगंगा
- खुनवा
- पोखरभिटवा
- कपिसहवा
- चरिगांव
- लीलाडिहवा
- भुसौला
- झगटी
- ठोठरी बाजार
बजट आ गया है
सिद्धार्थनगर के पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर ¨सह का कहना है कि भारत-नेपाल के खुला क्षेत्रों में एसएसबी की चौकियां स्थापित करने के लिए शासन से निर्देश मिले हैं। कुछ जगहों पर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई होनी है। इसके लिए बजट भी आ चुका है।